Chandrapur municipal schools (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Municipal Schools: चंद्रपुर शहर महानगरपालिका की स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। कई स्कूलों को छात्रों की कमी के कारण बंद भी करना पड़ा है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए प्रतिभा धानोरकर ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है।
सांसद धानोरकर ने सुझाव दिया है कि मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों का संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) माफ किया जाए। उन्होंने इस संबंध में मनपा आयुक्त को पत्र सौंपकर मांग की है कि मनपा स्कूलों में नए प्रवेश लेने वाले छात्रों के पालकों को संपत्ति कर में पूर्ण छूट दी जाए। उनका कहना है कि इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी और साथ ही पालिका स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
निजी स्कूलों के बढ़ते प्रभाव के कारण कई मनपा स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। कुछ स्कूल तो छात्रों की कमी के कारण बंद होने की कगार पर हैं, जो चिंता का विषय है।
सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पालिका स्कूलों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘संपत्ति टैक्स माफी’ जैसा प्रोत्साहनात्मक कदम कारगर साबित हो सकता है। यदि अभिभावकों को कर में छूट मिलेगी, तो वे अपने बच्चों का प्रवेश मनपा स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे स्कूलों का संचालन सुचारु रूप से जारी रह सकेगा।
सांसद धानोरकर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जो माता-पिता अपने बच्चों को मनपा स्कूल में प्रवेश दिलाते हैं, उन्हें वार्षिक संपत्ति कर से पूर्ण छूट दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे न केवल परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
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मनपा स्कूल मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं। ऐसे परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता देकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सांसद धानोरकर ने मांग की है कि चंद्रपुर महानगरपालिका इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय ले।