Satara Board Paper Checking Scam 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
SSC Paper Checked by 6th Grade Student: महाराष्ट्र के सतारा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां बोर्ड परीक्षाओं की गोपनीयता और गंभीरता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सतारा के फलटण तालुका स्थित विडणी के उत्तरेश्वर हाईस्कूल में दसवीं कक्षा (SSC) की बोर्ड उत्तरपुस्तिकाएं एक छठी कक्षा की छात्रा द्वारा जांची जा रही थीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि उनके बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है।
दसवीं की परीक्षा किसी भी छात्र के करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जाती है। ऐसे में एक जिम्मेदार शिक्षक द्वारा खुद पेपर जांचने के बजाय छोटी कक्षा की छात्राओं से मूल्यांकन करवाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि हजारों छात्रों के परिश्रम का अपमान भी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
सातारा : दहावीचा मराठीचा पेपर सहावीच्या विद्यार्थिनींकडून तपासून घेतला, फलटणमधील शाळेतील धक्कादायक प्रकार, व्हिडिओ #SATARA #SSCEXAM #MARATHI pic.twitter.com/Bt4BK18Axv — Prithviraj Patil (@patilpr23) March 12, 2026
विडणी के उत्तरेश्वर हाईस्कूल में हुई इस घटना के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दसवीं के मराठी विषय के पेपरों का गट्ठर छठी कक्षा की दो छात्राओं के सामने रखा है। वीडियो में छात्राएं पेन लेकर उत्तरपुस्तिकाओं पर निशान लगाती और मूल्यांकन करती दिख रही हैं, जबकि संबंधित शिक्षक वहीं मौजूद होकर इस पूरी प्रक्रिया को देख रहे थे। शिक्षा जगत के जानकारों का कहना है कि यह बोर्ड के नियमों को ‘धाबे’ पर रखने जैसा है, जहां उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा और निष्पक्षता सबसे ऊपर होती है।
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद सतारा जिला शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक रिपोर्ट कोल्हापुर विभागीय बोर्ड को सौंप दी है। कोल्हापुर विभाग के अधिकारी शुक्रवार (13 मार्च) को स्वयं स्कूल का दौरा करेंगे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की गहनता से जांच करेंगे। शिक्षा विभाग ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है क्योंकि यह सीधे तौर पर राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) की साख से जुड़ा मुद्दा है। दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक की सेवाएं समाप्त करने और स्कूल प्रबंधन पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इस घटना ने परीक्षा प्रणाली पर विश्वास को बड़ा धक्का पहुँचाया है। छात्रों के माता-पिता का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए उनके बच्चे साल भर कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन अगर उनकी मेहनत का मूल्यांकन इस तरह गैर-जिम्मेदाराना तरीके से किया जाएगा, तो उन्हें न्याय कैसे मिलेगा? अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि क्या शिक्षा विभाग केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर चुप हो जाएगा या इस मामले में कोई ठोस मिसाल कायम की जाएगी। सातारा जिला परिषद के शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होते ही सख्त कदम उठाए जाएंगे।