महाराष्ट्र बजट 2026-27 की 5 प्रमुख बातें, जानें किस विभाग को कितना मिला फंड, देखें पूरी लिस्ट

Maharashtra Budget 2026-27: महाराष्ट्र बजट 2026-27 में बिजली और रास्तों को सबसे ज्यादा निधि। महिला विकास के लिए ₹24,231 करोड़। जानें किस विभाग को क्या मिला।
Maharashtra Budget 2026-27: Energy & Infra get highest funds. 24,231 Cr for Women & Child Welfare. Analysis of top 10 & lowest-funded departments.
महाराष्ट्र बजट 2026-27 (सौजन्य-IANS)
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Maharashtra Department Wise Funds: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष में 2026-27 के लिए कुल 2,08,886.16 करोड़ रुपये का प्रावधान तय किया है। इस साल के बजट में महिला एम्पावरमेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी पर खास फोकस किया गया है।

टॉप 10 विभाग : सबसे ज्यादा फंडिंग का प्रावधान

स्टेट डेवलपमेंट प्लान में इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल वेलफेयर को टॉप प्रायोरिटी दी गई है।

  • बिजली विभाग: 27,963.36 करोड (सबसे ज्यादा प्रोविजन)
  • सार्वजनिक निर्माण (रास्ते): 26,218.16 करोड़
  • महिला व बालविकास: 24,231,28 करोड़
  • जल संसाधन विभाग: 16,569.28 करोड़
  • ग्रामविकास: 13,651.20 करोड़
  • नगरविकास: 11,054.16 करोड़
  • नियाजेन: 9.697.07 करोड़
  • कृषि विभागः 9,583.40 करोड
  • सार्वजनिक स्वास्थ्यः 5,980.08 करोड़
  • अन्य पिछड़े बहुजन कल्याण: 4,542.72 करोड़

10 डिपार्टमेंट जिन्हें तुलना में कम मिली निधि

इन विभाग के लिए जो एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्निकल नेचर के हैं, लिमिटेड प्रावधान किया गया है:

  • डेयरी बिजनेस: 0.01 करोड़ (मिनिमम प्रोविजन)
  • फूड एंड ड्रग: 59.28 करोड़
  • मैरीटाइम्स डिपार्टमेंट: 117.52 करोड
  • स्टेट एक्साइज (होम): 159.12 करोड़
  • लेबर डिपार्टमेंट: 177.84 करोड़
  • फाइनेस डिपार्टमेंट 216.32 करोड़
  • फिशरीज: 249.60 करोड
  • मराठी लैंग्वेज: 250.00 करोड़
  • पर्यावरण क्लाइमेट चेंजः 254.80 करोड़
  • एनिमल हस्बैंड्री: 327.60 करोड़

सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र

  • सामाजिक न्याय: 3,839.92 करोड़
  • शिक्षा विभागः 3,077.36 करोड
  • मेडिकल शिक्षा: 2,617.68 करोड़ रुपये
  • दिव्यांग कल्याण: 2,287.04 करोड़ रुपये
  • उच्च शिक्षा: 686.40 करोड़ रुपये

गृह और प्रशासन

  • गृह (पुलिस): 2,326.48 करोड़ रुपये
  • सामान्य प्रशासन: 1,851.48 करोड़ रुपये
  • राजस्व: 1,492.96 करोड़ रुपये
  • सूचना और तकनीकी ज्ञान: 1,394.60 करोड़ रुपये

इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य

  • मिट्टी (मिट्टी) और जल संरक्षण: 4,416.88 करोड़ रुपये
  • पानी और सफाई व्यवस्था: 4,030.00 करोड़ रुपये
  • पर्यटन: 2,051.92 करोड़ रुपये
  • हाउसिंगः 1,400.88 करोड़ रुपये

बजट के 5 मुख्य पॉइंट

  • इंफ्रास्ट्रक्चर का दबदबा: पावर और पब्लिक चर्क्स डिपार्टमेंट को 54,181 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए गए। यह सरकार की 'इंफ्रा फर्स्ट' पॉलिसी का संकेत है।
  • महिलाओं को मजबूत बनाने पर ध्यानः महिला और बाल विकास विभाग के लिए 24,231 करोड़ रुपये का प्रावधान आने वाले समय में महिला-केंद्रित योजनाओं के विस्तार को दिखाता है।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करनाः जल संसाधन और ग्रामीण विकास, दोनों विभागों को कुल 30,220 करोड़ रुपये दिए गए है, जिससे ग्रामीण इलाकों में काम को बढ़ावा मिलेगा।
  • शिक्षा क्षेत्र में चिंता की बातः राज्य की विकास योजना बड़ी है, लेकिन स्कूल (3,077 करोड़ रुपये) और उच्च शिक्षा (686 करोड़ रुपये) के लिए किया गया प्रावधान दूसरे विभागों की तुलना में बहुत कम लगता है।
  • पर्यावरण को नजरअंदाज किया गया?: जबकि वैश्विक जलवायु परिवर्तन संकट गहरा रहा है, पर्यावरण विभाग के लिए सिर्फ 254 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाता है।
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