Sangli Zilla Parishad (फोटो क्रेडिट-X)
Sangli Zilla Parishad Election: सांगली की स्थानीय राजनीति में महाविकास अघाड़ी (MVA) के वर्चस्व को एक बार फिर साबित कर दिया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद भाजपा ने विषय समिति सभापति चुनावों में ‘चमत्कार’ करने का दावा किया था, लेकिन जयंत पाटिल और विशाल पाटिल की घेराबंदी ने भाजपा की इस योजना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि भाजपा को अपने ही सदस्यों के टूटने का डर सताने लगा, जिसके चलते पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया।
इस Local Body Polls in Sangli के दौरान, भाजपा ने पहले सभापति पदों के लिए चार नामांकन पत्र तैयार किए थे, लेकिन अंतिम समय में संख्या बल की कमी को देखते हुए आवेदन दाखिल नहीं किए। नतीजतन, महाविकास अघाड़ी के चारों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। बहुमत का आंकड़ा पक्ष में न होने का एहसास होते ही भाजपा सदस्य विशेष बैठक से भी अनुपस्थित रहे, जो पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक सेटबैक माना जा रहा है।
सांगली जिला परिषद में सत्ता का सपना देख रही भाजपा को विधायक जयंत पाटिल और सांसद विशाल पाटिल की रणनीतिक बढ़त ने पटखनी दी है। महायुति के पास अपेक्षित संख्या बल होने के बावजूद, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के समर्थन ने महाविकास अघाड़ी को मजबूती प्रदान की। 34-25 के अंतर से मिली जीत ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा के भीतर चल रही असंतोष की लहर का फायदा MVA ने बखूबी उठाया है।
ये भी पढ़ें- Ladki Bahin Yojana: 68 लाख खाते हुए बंद; जानें अब कब तक है मौका और कैसे सुधारें गलती?
Sangli ZP Election 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
भाजपा के 24 सदस्य शहर के एक होटल में एकजुट थे, जहां ग्रामीण जिला अध्यक्ष सम्राट महादिक खुद उनकी निगरानी कर रहे थे। सुबह 11:30 बजे तक भाजपा की ओर से आशीष जाधव ने शोभा खोट, मंजुश्री कांबले, जयराज पाटिल और शिवाजी खिलारे के नाम तय किए थे। हालांकि, Strategic Retreat by BJP in Sangli के तहत नामांकन पत्र जमा नहीं किए गए। भाजपा नेतृत्व को डर था कि यदि वोटिंग होती है, तो उनके कुछ सदस्य ‘क्रॉस वोटिंग’ कर सकते हैं, जिससे पार्टी की और अधिक किरकिरी होती।
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद जब कोई अन्य नामांकन नहीं आया, तो चुनाव अधिकारी ने MVA के चारों सभापतियों के निर्विरोध चुने जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी। इस पर सफाई देते हुए सम्राट महादिक ने कहा, “हमने अपने 25 सदस्यों को एकजुट रखने में सफलता हासिल की है। विपक्ष हमारे सदस्यों को तोड़ने की कोशिश कर रहा था, जिसे हमने विफल कर दिया। चूंकि हमारे पास बहुमत का आंकड़ा नहीं था, इसलिए वरिष्ठों के आदेश पर हमने चुनाव न लड़ने का फैसला किया।” इस Political Twist in Sangli ZP ने आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए महाविकास अघाड़ी के हौसले बुलंद कर दिए हैं।