ठाणे मनपा में 2560 करोड़ घोटाले का आरोप, भाजपा नगरसेविका का प्रशासन पर हमला

Thane Municipal Corporation में भाजपा नगरसेविका ने 2560 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
Thane 193 Acre Land Dispute
Thane Municipal Corporation (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Thane Municipal Corporation Scam: ठाणे मनपा में शिवसेना-भाजपा युति होने के बावजूद भ्रष्टाचार एवं अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा के नगरसेवक प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किये हुए हैं।

भाजपा नगरसेविका मृणाल पेंडसे ने मनपा प्रशासन पर पिछले चार वर्षों में 2560 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है, जिसको लेकर मनपा गलियारे में हड़कंप मच गया है।

पेंडसे ने कहा है कि पिछले चार सालों में ठाणे मनपा को राज्य सरकार से 4953 करोड़ रुपये का विकास निधि मिली है। लेकिन, इसमें से 2560 करोड़ रुपये सिर्फ गटर व पायवाटा (फुटपाथ) पर खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि इन कामों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।

  • भाजपा नगरसेविका ने इन सभी कामों पर श्वेत पत्र जारी करने एवं पूरी जांच की मांग की है। मनपा के बजट पर चर्चा के दौरान मृणाल पेंडसे ने मनपा प्रशासन पर जमकर हमला बोला। आयुक्त की तरफ से पेश किए गए 'सपनों वाले' बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, कि यदि ठाणे शहर के लोगों को सुबह नहाने के लिए टैंकर बुलाना पड़ता है, तो वे करोड़ों रुपये की परियोजना का क्या करेंगे?
  • उन्होंने कहा कि पहले ठाणेकरों की बेसिक जरूरतें पूरी करें, फिर बड़े सपने दिखाएं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों से मनपा प्रशासन के अधीन थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन कामों की जांच नहीं हुई, तो हम आने वाले दिनों में कड़ा और सख्त रुख अख्तियार करेंगे।

विशेष लोगों को दे दी गयी मनपा की प्रापर्टी

  • इस मुद्दे को नगरसेविका पेंडसे ने मनपा सदन में उठाया, उन्होंने कहा कि मनपा की प्रापर्टी को फर्जी लोगों को दिए जाने से मनया को करीब दो हजार करोड़ रुपये का चूना लगा है।
  • उन्होंने इस मामले की जांच करने की मांग की। भाजपा की नगरसेविका नम्रता जयेंद्र कोली ने मनपा बजट में पुराने शहर की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मनपा ठाणे शहर में कई तरह की विकास योजनाएं शुरू कर रही है। लेकिन पुराने ठाणे शहर की उपेक्षा ठीक नहीं है। ठाणे शहर के अलग-अलग हिस्सों से सीवेज बिना ट्रीटमेंट के सीधे खाड़ी में छोड़ा जा रहा है।
  • उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने एवं विभिन्न क्षेत्रों में फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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