अजित पवार मिलाएंगे उद्धव से हाथ! रायगड़ पालकमंत्री विवाद से टूटेगी महायुति, मचेगा सियासी बवाल

Raigad Politics: रायगड़ में महायुति की दरार गहरी होती जा रही है। अजित पवार की एनसीपी ने शिवसेना (यूबीटी) से गुप्त गठबंधन की तैयारी में है। जिससे शिंदे गुट में खलबली मच गई है।
Ajit Pawar Shiv Sena UBT Alliance In Raigad
अजित पवार व उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Shiv Sena UBT Alliance In Raigad: महाराष्ट्र की राजनीति में 2014 विधानसभा चुनाव के समय से शुरू हुआ अप्रत्याशित घटनाक्रमों का सिलसिला निकट भविष्य में होने वाले स्थानीय निकायों के चुनावों के दौरान भी जारी रहने के संकेत सामने आए हैं। रायगड़ जिले के पालकमंत्री पद को लेकर महायुति सरकार में शामिल उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच की रार इसकी वजह बन सकती है।

रायगड़ जिले में महायुति के टूटने के संकेत मिल रहे हैं। चुनावी कार्यक्रमों की घोषणा से पहले ही यहां अजित की एनसीपी ने विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में शामिल शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन के संकेत दे दिए हैं।

अजित गुट और उद्धव गुट साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव

सूत्रों का दावा है कि रायगड़ जिले में अजित पवार की एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एनसीपी के रायगड़ जिला अध्यक्ष सुधाकर घारे और यूबीटी के जिला प्रमुख नितिन सावंत के बीच 1 नवंबर को कर्जत के एक होटल में गुप्त बैठक हुई। बैठक में दोनों दलों के जिला और तालुका स्तर के नेताओं ने भाग लिया। दावा किया जा रहा है कि बैठक में सीटों के बंटवारे, उम्मीदवारों के चयन और साथ मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति तय की गई। यह गठबंधन ज़िला परिषद की (6 सीटें), पंचायत समिति (12 सीटें) और कर्जत, खोपोली, माथेरान नगर परिषद के साथ-साथ खालापूर नगर पंचायत के लिए होगा।

महेंद्र थोरवे को घेरने की तैयारी

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता और विधायक भरत गोगावले रायगड़ जिले का पालक मंत्री बनना चाहते हैं। दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार की एनसीपी की मंत्री अदिति तटकरे को रायगड़ जिले का पालकमंत्री घोषित कर दिया था।

हालांकि शिंदे गुट के विरोध की वजह से सीएम फडणवीस ने अपने निर्णय पर रोक भी लगा दिया था लेकिन फिर भी गोगावले को अभी तक पालक मंत्री पद नहीं मिल सका है। इस वजह से गोगावले और अजित पवार की एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनिल तटकरे के बीच जमकर वाकयुद्ध चलता रहा है।

गोगावले समर्थक विधायक महेंद्र थोरवे भी कई बार सुनील तटकरे और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार पर तीखा हमला बोलते रहे हैं। इसलिए अब अजित गुट ने थोरवे को सबक सिखाने के लिए यूबीटी से हाथ मिलाने का निर्णय लिया है।

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