Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पिंपरी-चिंचवड़ में भीषण जल संकट: आधी आबादी प्यासी, PCMC के पास सिर्फ 12 टैंकर, निजी माफियाओं का बोलबाला

Pimpri Chinchwad water crisis: पिंपरी-चिंचवड़ की आधी आबादी जल संकट से परेशान है। PCMC के पास केवल 12 टैंकर हैं, जिससे 3500 सोसायटियां निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। जानिए क्या है इसकी मुख्य वजह।

  • Written By: रूपम सिंह
Updated On: Jun 16, 2026 | 04:34 PM

टैंकर (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Pimpri Chinchwad water supply: एशिया की सबसे समृद्ध महानगरपालिकाओं में शुमार, देश के प्रमुख आईटी व औद्योगिक हब और ‘स्मार्ट सिटी’ के तमगे से नवाजे गए पिंपरी-चिंचवड़ शहर की आधी आबादी आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। हाल ही में सामने आए महानगरपालिका (पीसीएमसी) के आधिकारिक आंकड़ों ने शहर की इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है, जिसके अनुसार क्षेत्र की लगभग 50 फीसदी सोसायटियों को अपनी मूलभूत आवश्यकता के लिए निजी टैंकर माफियाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

महानगरपालिका की स्थापना के बाद पिछले 5 दशकों में शहर का औद्योगिक और आवासीय विस्तार तेजी से हुआ है, जिससे यहां की आबादी आज 30 से 35 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। हालांकि, जिस गति से जनसंख्या और ऊंची इमारतें बढ़ीं, उस अनुपात में महानगरपालिका जल उपलब्धता, वितरण प्रणाली और अपनी टैंकर सेवा को मजबूत करने में पूरी तरह विफल रही। नतीजा यह है कि शहर की कुल 7,000 हाउसिंग सोसायटियों में से 3,000 से 3,500 सोसायटियों को विशेषकर गर्मियों के दिनों में पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

वाकड, ताथवडे, तलवडे, चिखली, मोशी, भोसरी, दिघी, पिंपले गुरव और पिंपले सौदागर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में हर साल जल संकट की स्थिति और विकराल हो जाती है। इन इलाकों में एक दिन छोड़कर, वह भी बेहद कम दबाव (लो प्रेशर) से जलापूर्ति की जा रही है। मनपा के पास महज 12 टैंकर आंकड़ों का विश्लेषण करें तो शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की एक गंभीर विसंगति सामने आती है। यदि औसतन प्रत्येक प्रभावित सोसायटी को प्रतिदिन 5 टैंकर पानी की आवश्यकता हो, तो पूरे शहर में रोजाना लगभग 15,000 टैंकरों की जरूरत पड़ती है।

सम्बंधित ख़बरें

नागपुर धर्मांतरण-दुष्कर्म मामले का खुलासा: 8 महीने से हो रहा था विवाहिता का शोषण; छिंदवाड़ा का मौलाना फरार

सोलापुर दुर्घटना: 9 सालों से चल रहा सडक निर्माण, कंपनी के अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

गुटखा-तंबाकू पर सख्ती का असर! कार्रवाई के डर से गड़चिरोली में बंद रहे पानठेले

नागपुर के गोलीबार चौक पर मनपा का ‘बुल्डोजर एक्शन’; अतिक्रमणकारियों में मची भगदड़

इसके विपरीत, करोड़ों का बजट रखने वाले महानगरपालिका के पास अपने खुद के केवल 12 टैंकर मौजूद हैं। 1 अप्रैल 2025 से 10 मार्च 2026 के बीच के सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस अवधि में कुल 17,122 फेरे लगाए गए। इनमें मनपा के 12 टैंकरों ने महज 4,571 फेरे पूरे किए, जबकि ठेके पर लिए गए निजी टैंकरों को 12,371 फेरे लगाने पड़े। इसके एवज में मनपा को 1 करोड़ 16 लाख 21 हजार 468 रुपये का भुगतान करना पड़ा।

पिंपरी-चिंचवड़ की कुल आबादी: 30 से 35 लाख

  • शहर की वर्तमान पानी की मांग 720 से 750 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन)
  • कुल उपलब्ध पानी: 610 से 650 MLD (पवना बांध: 510-530 MLD, आंद्रा बांध 80-100 MLD, MIDC: 20-30 MLD)
  • कुल हाउसिंग सोसायटियां लगभग 7,000
  • टैंकरों पर निर्भर सोसायटियां 3,000 से 3,500
  • मनपा के पास खुद के टैंकर केवल 12
  • निजी टैंकरों पर खर्च (11 महीने में): 1,16,21,468 रुपये

यह भी पढ़ें:- भीमाशंकर मंदिर के कपाट 5 महीने बाद खुले; बिना ऑनलाइन पास के 800 श्रद्धालुओं को लौटना पड़ा

टैंकर नीति अपना रहा प्रशासन

‘चिखली-मोशी-चन्होली-पिपरी चिंचवड हाउसिंग सोसायटी संघटना’ के अध्यक्ष संजीवन सांगले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महानगरपालिका जानबूझकर टैंकर समर्थक नीति अपना रही है और शहर में एक कृत्रिम जल संकट पैदा किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि संकट के समय निगम के पास कम से कम 300 से 400 खुद के टैंकर होने चाहिए, ताकि टैक्स भरने वाले नागरिकों को मुफ्त में पानी मिल सके। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए महानगरपालिका के मुख्य अभियंता प्रमोद ओभासे ने कहा कि मनपा के टैंकरों का इस्तेमाल केवल पीने के साफ पानी की आपूर्ति के लिए किया जाता है।

मनपा के टैंकरों का इस्तेमाल केवल पीने के साफ पानी की आपूर्ति के लिए किया जाता है, सामान्य या वाणिज्यिक उपयोग के लिए नहीं। जिन भी सोसायटियों से पीने के पानी की आधिकारिक मांग आती है, उन्हें टैंकरों के माध्यम से तुरंत पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
– प्रमोद आँभासे (मुख्य अभियंता, मनपा)

Water crisis pimpri chinchwad pcmc tanker mafia news

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 16, 2026 | 04:34 PM

Topics:  

  • Maharashtra News
  • Pimpri Chinchwad News
  • Water Crisis

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.