गोंदिया में जल संकट गहराया, 66 जल प्रकल्पों में सिर्फ 12.48% उपयोगी पानी शेष
Gondia Irrigation Department: गोंदिया जिले में मानसून की देरी और भीषण गर्मी के कारण जल संकट गहराता जा रहा है। जिले के 66 जल प्रकल्पों में केवल 12.48 प्रतिशत उपयोगी जल संग्रह शेष है।
Water Storage (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Water Crisis: मानसून के देर से आने और तेज गर्मी की वजह से गोंदिया जिले में पानी की हालत दिनबदिन गंभीर होती जा रही है। गोंदिया सिंचाई विभाग की 15 जून, 2026 को जारी की गई अधिकृत जल संग्रह रिपोर्ट के अनुसार जिले में मध्यम, लघु और स्थानीय स्तर के कुल 66 जल प्रकल्पों में न्यूनतम सिर्फ 12.48 प्रश इस्तेमाल करने लायक जल संग्रह है और कई प्रकल्पों में जल संग्रह का स्तर खतरनाक रूप से गिर गया है।
जिले के सभी प्रकल्पों की कुल संकल्पित क्षमता 110.521 मिलियन क्यूबिक मीटर है और अभी सिर्फ 13.798 मिलियन क्यूबिक मीटर इस्तेमाल करने लायक जल संग्रह है। प्रशासन ने मौजूद जल संग्रह का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। जिले के 9 मध्यम प्रकल्पों की कुल संकल्पित क्षमता 99.75 मिलियन क्यूबिक मीटर है और अभी 20.18 मिलियन क्यूबिक मीटर 20.24 प्रश. इस्तेमाल करने लायक जल संग्रह है।
लघु प्रकल्पों की हालत खराब
जिले में 20 लघु प्रकल्पों की कुल क्षमता 64.566 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जिसमें से अभी सिर्फ 6.515 मिलियन क्यूबिक मीटर 10.11 प्रश. ही जलसंग्रह है। कुछ प्रकल्पों में पानी का संग्रह डेड स्टोरेज के करीब पहुंच गया है और रिपोर्ट बताती है कि मुंडीपार, पलसगांव, पालडोंगरी आदि प्रकल्पों में जलस्तर बहुत कम हो गया है।
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पहले के मालगुजारी तालाबों में सिर्फ 8.15 प्रश पानी जिले में 36 पहले की मालगुजारी तालाबों की कुल क्षमता 24.194 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जिसमें से सिर्फ 1.988 मिलियन क्यूबिक मीटर 8.15 प्रश पानी बचा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पानी के चैनलों में लीकेज के साथ बाष्पीभवन का लेंडेझरी, मुंडीपार, पलसगांव और पालडोंगरी प्रकल्पों में मौजूद स्टोरेज पर बड़ा असर पड़ा है।
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लघु प्रकल्पों में केवल 10% जल संग्रह
सालेकसा तहसील के खेड़ेपार और आमगांव तहसील के घाटटेमनी डैम में इस्तेमाल करने लायक जल संग्रह लगभग खत्म हो गया है। सिंचाई का विसर्ग रुका मौजूदा हालात के कारण जिले के ज्यादातर प्रकल्पों से नहरों के जरिए सिंचाई का विसर्ग पूरी तरह से रुक गया है। प्रशासन ने मौजूद पानी के रिजर्व को मुख्य रूप से पीने के पानी के लिए रिजर्व करने का फैसला किया है। सिंचाई विभाग ने लोगों से पानी का कम इस्तेमाल करने की अपील की है और अनुमान लगाया है कि अगर अगले कुछ दिनों में भारी बारिश नहीं हुई तो जिले में पानी की स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।
मध्यम प्रकल्पों में जल भंडारण
| प्रकल्प का नाम | जल संग्रहण (%) |
|---|---|
| चुलबंद | 36.84% |
| बोदलकसा | 27.08% |
| रेंगेपार | 23.70% |
| मानागढ़ | 15.26% |
| खैरबंदा | 15.22% |
| चोरखमारा | 13.16% |
| संग्रामपुर | 4.22% |
