पुणे यूनिवर्सिटी के SET गेस्ट हाउस में मिलीं शराब की बोतलें: छात्र संगठनों में भारी आक्रोश, CCTV जांच की मांग
Pune University News: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के SET गेस्ट हाउस के लॉन में शराब की खाली बोतलें मिलने से हड़कंप मच गया है। एनएसयूआई और आरपीआई ने सीसीटीवी जांच की मांग की है।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे यूनिवर्सिटी स्ट हाउस में मिलीं शराब (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pune University SET Guest House Liquor: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के SET गेस्ट हाउस के लॉन में शराब की खाली बोतलें मिलने से परिसर में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले ने विश्वविद्यालय की छवि को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने के लिए होता है गेस्ट हाउस का उपयोग
SET गेस्ट हाउस का उपयोग विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद, अधिसभा के सदस्यों तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने के लिए किया जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण परिसर में शराब की खाली बोतलें मिलने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ये बोतलें वहां कैसे पहुंचीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
छात्र संगठनों ने जताया कड़ा विरोध
घटना को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। एनएसयूआई पुणे के उपाध्यक्ष सिद्धांत जांभुलकर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान समाज के लिए आदर्श होते हैं, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि शराब की बोतलें परिसर में कौन लेकर आया।
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सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
आरपीआई विद्यार्थी आघाड़ी के पुणे शहर अध्यक्ष सूरज गायकवाड़ ने गेस्ट हाउस और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फुटेज के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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पारदर्शी जांच की उठी मांग
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में कोई अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल पुणे विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है।
