

Savitribai Phule Pune University SPPU Central Refectory: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) के सेंट्रल रिफेक्ट्री में अस्वच्छता और भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेस का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से छात्रों द्वारा खाने में कॉकरोच और कीड़े मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके विरोध में छात्रों ने आंदोलन भी किया था।
छात्रों की शिकायतों के बाद एफडीए की टीम ने मंगलवार को भोजनालय का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजिंक्य उमाप के नेतृत्व में हुई जांच में पाया गया कि भोजनालय में पेस्ट कंट्रोल की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। रसोई और भोजन तैयार करने वाले क्षेत्रों में अत्यधिक गंदगी थी तथा कर्मचारियों की अनिवार्य मेडिकल जांच संबंधी रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
एफडीए अधिकारियों के अनुसार, भोजनालय की स्थिति छात्रों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाली थी। निरीक्षण रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा मानकों के कई उल्लंघन दर्ज किए गए हैं। इन कमियों को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए 'मेसर्स श्री स्वामी समर्थ भोजनालय' का पंजीकरण निलंबित कर दिया और उसकी सेवाएं तत्काल बंद करने के आदेश जारी किए।
एफडीए ने स्पष्ट किया है कि जब तक भोजनालय प्रबंधन सभी आवश्यक सुधार नहीं करता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं करता, तब तक मेस को दोबारा संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुधार कार्यों की समीक्षा के बाद ही लाइसेंस बहाल करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से छात्र मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायत कर रहे थे। खाने में कॉकरोच और अन्य कीड़े मिलने की घटनाओं से छात्रों में नाराजगी बढ़ गई थी। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। पुणे एफडीए की इस कार्रवाई को छात्रों की शिकायतों के बाद उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मेस बंद रहने से छात्रों के लिए वैकल्पिक भोजन व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।