12 घंटे के सफर में मिलेगी आरामदायक नींद; मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल पर पुणे-नागपुर मार्ग पर चलेगी वंदे स्लीपर

Pune Nagpur Vande Sleeper Train: पुणे-नागपुर वंदे स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रेलवे बोर्ड ने प्रस्तावित ट्रेन का टाइम टेबल तैयार कर लिया है। आधिकारिक घोषणा का अब यात्रियों को इंतजार है।
Enjoy a comfortable sleep during the 12-hour journey; Vande Sleeper to run on the Pune-Nagpur route following Chief Minister Fadnavis's initiative.
फडणवीस व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव,पुणे-नागपुर वंदे स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ी प्रगति(साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Indian Railways Vande Sleeper Train: पुणे महाराष्ट्र के लाखों रेल यात्रियों, विशेषकर विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पुणे और नागपुर के बीच वंदे स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्तावित ट्रेन का टाइम टेबल तैयार कर लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इस पूरी पहल के केंद्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सक्रिय भूमिका को अहम माना जा रहा है।

दरअसल, पुणे और नागपुर के बीच की यात्रा करीब 12 घंटे की है। वर्तमान में इस मार्ग पर चल रही वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों को लंबे समय तक बैठकर सफर करना पड़ता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष प्रमुखता से रखा था।

फडणवीस ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इतनी लंबी दूरी के लिए चेयर कार आधारित ट्रेन पर्याप्त नहीं है और यात्रियों को आरामदायक स्लीपर सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुणे-नागपुर के लिए वंदे स्लीपर सेवा पर सकारात्मक आश्वासन दिया था।

पुणे से लगातार बढ़ रहा वंदे भारत नेटवर्क

वर्तमान में पुणे से चार वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इनमें मुंबई पुणे-सोलापुर, मुंबई-पुणे-कोल्हापुर, पुणे-हुबली और पुणे-नागपुर मार्ग शामिल हैं। इन सेवाओं को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है।

लेकिन पुणे-नागपुर मार्ग की लंबी यात्रा अवधि के कारण यात्रियों की ओर स्लीपर ट्रेन की मांग लगातार उठती रही है। मुख्यालय के ही एक सूत्र ने बताया कि पुणे-नागपुर वंदे भारत के कोच 8 से 16 अथवा 20 किये जाने की भी चर्चा चल रही है। से

260 वंदे स्लीपर रैक बनाने की योजना

भारतीय रेलवे ने देशभर में 260 वंदे स्लीपर रैक तैयार करने की महत्त्वाकांक्षी योजना बनाई है। इन आधुनिक ट्रेनों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) और महाराष्ट्र के लातूर स्थित मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री में किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र में ही बड़े पैमाने पर कोच निर्माण होने के कारण राज्य को नए रैक अपेक्षाकृत जल्दी मिल सकते हैं।

महाराष्ट्र को मिल सकते हैं 2 वंदे स्लीपर कॉरिडोर

देश में फिलहाल केवल कोलकाता-गुवाहाटी वंदे स्लीपर ट्रेन का संचालन हो रहा है। अब मुंबई-पुणे-बेंगलुरु और पुणे-नागपुर मार्ग पर वंदे स्लीपर चलने की संभावनाएं तेजी से बढ़ गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव अपने पिछले पुणे दौरे के मौके पर मुंबई-पुणे-बेंगलुरु वंदे स्लीपर सेवा का उल्लेख भी कर चुके हैं।

मध्य रेलवे मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार, वंदे स्लीपर के कुछ रैक बैंगलुरु पहुंच चुके हैं और प्रस्तावित सेवाओं के लिए प्रारंभिक योजना तथा समय सारिणी तैयार कर ली गई है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इन ट्रेनों की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

यदि यह योजना साकार होती है, तो मुंबई-पुणे-बेंगलुरु देश का दूसरा और पुणे-नागपुर देश का तीसरा वंदे स्लीपर कॉरिडोर बन सकता है। साथ ही, महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां दी वंदे स्लीपर सेवाएं संचालित होंगी।

विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र को मिलेगा सीधा लाभ

पुणे और नागपुर के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, उद्योगपति और सरकारी कर्मचारी यात्रा करते हैं। वंदे स्लीपर ट्रेन शुरू होने से न केवल यात्रा अधिक आरामदायक होगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, औद्योगिक और शैक्षणिक संपर्क भी मजबूत होगा, फिलहाल यात्रियों की निगाहें रेलवे की अंतिम अधिसूचना पर टिकी है, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल और रेलवे बोर्ड की तैयारियों ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले समय में पुणे-नागपुर के यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक वंदे स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है।

मध्य रेलवे, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, डॉ. स्वप्निल नीला ने कहा पुणे-नागपुर बंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ती लोकप्रियता और यात्रियों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए रेलवे अतिरिक्त कोच जोड़ने पर काम किया जा रहा है।

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से शैलेंद्र सिंह की रिपोर्ट

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