
अंडरग्राउंड रोड (सोर्स: AI)
Pune Underground Road Project: पुणे के मध्यवर्ती और अत्यधिक व्यस्त इलाकों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अंडरग्राउंड रोड नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को येरवडा से कात्रज तक करीब 20 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड मार्ग की व्यवहार्यता जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अनुमानित 7,500 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना जताई जा रही है।
मध्य पुणे के छत्रपति शिवाजी रोड और बाजीराव रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इन सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापार और आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ता है। सीमित सड़क चौड़ाई और ऐतिहासिक इलाकों के कारण यहां पारंपरिक सड़क विस्तार संभव नहीं हो पा रहा है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शनिवारवाड़ा से स्वारगेट और स्वारगेट से शनिवारवाड़ा तक ढाई-ढाई किलोमीटर लंबे दो फोर-लेन अंडरग्राउंड मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। इन मार्गों के माध्यम से मध्य पुणे में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
मध्य पुणे में ऐतिहासिक इमारतें, घनी आवासीय बस्तियां और व्यावसायिक निर्माण बड़ी संख्या में मौजूद हैं। ऐसे में सड़कों का चौड़ीकरण न केवल मुश्किल बल्कि विरासत के लिहाज से भी संवेदनशील है। इसी कारण राज्य सरकार ने जमीन के ऊपर सड़क निर्माण के बजाय अंडरग्राउंड मार्गों के विकल्प को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
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प्रस्तावित अंडरग्राउंड मार्ग केवल ट्रैफिक जाम कम करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि भविष्य में उत्तर और दक्षिण पुणे को जोड़ने वाले अहम लिंक कॉरिडोर के रूप में भी काम करेंगे। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देशों के बाद राज्य लोक निर्माण विभाग और पुणे महानगरपालिका ने पुराने पुणे समेत शहर के अन्य संभावित इलाकों में अंडरग्राउंड मार्गों की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। यदि ये योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो पुणे को वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।






