

Maharashtra Pavilion AI in Action: देश की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'AI Impact Summit 2026' में महाराष्ट्र सरकार ने तकनीक और गवर्नेंस के संगम का एक नया उदाहरण पेश किया है। राज्य के फ्लैगशिप पवेलियन 'एआई इन एक्शन' (AI in Action) ने न केवल देश, बल्कि विदेश से आए प्रतिनिधियों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है।
अक्सर तकनीक को केवल चर्चाओं और संकल्पनाओं तक सीमित देखा जाता है, लेकिन महाराष्ट्र ने इस मिथक को तोड़ते हुए यह दिखाया है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी उपयोग प्रत्यक्ष प्रशासन (Administration) में किया जा सकता है।
आईटी सचिव वीरेंद्र सिंह, महाआईटी के प्रबंध निदेशक संजय काटकर और भगवान पाटिल के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। पवेलियन में प्रदर्शित किए गए विभिन्न उपक्रमों और परियोजनाओं को स्टार्टअप्स, वैश्विक तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं (Policy Makers) द्वारा काफी सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' का काम कर सकता है।
महाराष्ट्र के पवेलियन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां एआई को केवल एक भविष्य की तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरत के रूप में पेश किया गया है। डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को गति देते हुए, राज्य ने दिखाया है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और नागरिक सेवाओं में एआई का एकीकरण कैसे पारदर्शिता और दक्षता ला रहा है।
समिट में मौजूद तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र ने साबित कर दिया है कि एआई का उपयोग केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक 'एक्शन मोड' में है। पवेलियन में इंटरैक्टिव डेमो और लाइव केस स्टडीज के जरिए यह समझाया गया कि कैसे डेटा का विश्लेषण कर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और सटीक तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है।