Akola: ड्रिप और स्प्रिंकलर योजना की कछुआ गति; तकनीकी साक्षरता के अभाव में दम तोड़ रही सरकारी स्कीम

Akola Irrigation Subsidy: अकोला में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को कम प्रतिसाद। तकनीकी साक्षरता के अभाव में किसान परंपरागत पद्धति पर निर्भर। जानें अनुदान और लाभार्थियों के ताजा आंकड़े।
Low response to drip and sprinkler irrigation in Akola despite government subsidies.
अकोला स्प्रिंकलर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Drip Irrigation Statistics Akola: ड्रिप (ठिबक) और स्प्रिंकलर (तुषार) सिंचाई प्रणाली से पानी की बड़ी बचत होती है, लेकिन किसान परंपरागत सिंचाई पद्धति पर अधिक निर्भर हैं। इससे पानी का अपव्यय होता है और आधुनिक तकनीक का अपेक्षित उपयोग नहीं हो रहा है। जिले में वर्ष 2025-26 के लिए ड्रिप हेतु 4007 और स्प्रिंकलर हेतु 13,018 लाभार्थियों की लॉटरी द्वारा चयन किया गया।

इनमें से ड्रिप के लिए 2222 और स्प्रिंकलर के लिए 7761 आवेदनों की प्रक्रिया जारी है। अब तक ड्रिप के 989 और स्प्रिंकलर के 4117 लाभार्थियों को पूर्व संमती दी गई है। कुल 2707 लाभार्थियों के अनुदान आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 143 लाभार्थियों को 20.62 लाख रुपये की सहायता वितरित की गई है।

जिले में फसल उत्पादन अधिक है, लेकिन सिंचाई सुविधाओं की कमी और तकनीकी साक्षरता के अभाव के कारण ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक प्रणालियों का उपयोग सीमित है। प्रशासन किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि पानी की बचत हो और कृषि उत्पादन टिकाऊ बने।

जिले में कृषि की स्थिति

अकोला जिला विदर्भ के दुष्कालग्रस्त क्षेत्र में स्थित है। यहाँ की काली चिकनी मिट्टी कपास और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए प्रसिद्ध है। जिले में पूर्णा, मोर्णा, वान और शाहनूर जैसी नदियाँ हैं, लेकिन सिंचाई सुविधाएं सीमित हैं। इसी कारण ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक प्रणालियों का उपयोग अपेक्षाकृत कम है।

खारेपानीवाले पट्टे की समस्या

जिले के 350 से अधिक गांव खारे पानी वाले पट्टे में आते हैं। यहां पीने के पानी की कमी के साथ-साथ सिंचाई की भी गंभीर समस्या है। इसी कारण किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और आत्महत्याओं की घटनाएं अधिक होती हैं। जनवरी 2001 से नवंबर 2025 तक जिले में 3277 किसानों ने आत्महत्या की है।

143 लाभार्थियों को 20.62 लाख रुपये की सहायता

जिले में वर्ष 2025-26 के लिए ड्रिप सिंचाई हेतु 4007 और स्प्रिंकलर सिंचाई हेतु 13,018 लाभार्थियों का चयन लॉटरी पद्धति से किया गया। इनमें से ड्रिप के लिए 2222 तथा स्प्रिंकलर के लिए 7761 आवेदनों की प्रक्रिया जारी है। अब तक ड्रिप के 989 और स्प्रिंकलर के 4117 लाभार्थियों को पूर्व संमती दी गई है। कुल 2707 लाभार्थियों के अनुदान आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 143 लाभार्थियों को 20 लाख 62 हजार रुपये का अनुदान वितरित किया गया है।

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