PMRDA में अधिकारियों का तबादला, इंजीनियरिंग व लेखा विभाग पर असर, कई पद खाली

Pune News: पीएमआरडीए के तीन अधिकारियों का तबादला हुआ है। जिनमें दो इंजीनियरिंग और एक लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल है। अतिक्रमण व विकास अनुमति विभाग में भी कई पद खाली है।
पीएमआरडीए अधिकारियों का तबादला (pic credit; social media)
पीएमआरडीए अधिकारियों का तबादला (pic credit; social media)
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Maharashtra News:  पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) में अधिकारियों के तबादले और पद रिक्त रहने की समस्या एक बार फिर सामने आई है। हाल ही में तीन अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिनमें दो इंजीनियरिंग विभाग से और एक वरिष्ठ अधिकारी लेखा विभाग से हैं। इनमें कार्यकारी अभियंता संदीप खालारे और संजय पाटिल को प्रमोशन के साथ नए पदस्थापन का इंतजार है, जबकि लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चसवेवर पाटिल का तबादला दूसरे विभाग में किया गया है।

अधिकारियों के इस बदलाव के बाद पीएमआरडीए में कई महत्वपूर्ण पद खाली हो गए हैं। फिलहाल अतिक्रमण, इंजीनियरिंग, अग्निशमन और विकास अनुमति विभागों में अधिकारी नहीं हैं, जिससे चल रही परियोजनाओं और नागरिकों की समस्याओं के समाधान में अड़चनें आ रही हैं। पीएमआरडीए में अधिकारियों की नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर की जाती है, लेकिन देखा गया है कि यहां अधिकारी लंबे समय तक टिक नहीं पाते।

कुछ महीने पहले भी अतिक्रमण और विकास अनुमति विभाग के कई अधिकारियों का तबादला हुआ था। अब इंजीनियरिंग विभाग में दो वरिष्ठ अधिकारियों के जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। पहले भी कार्यकारी अभियंता राजू ठागरी के तबादले के बाद नया अधिकारी मिलने में देरी हुई थी।

इंजीनियरिंग विभाग में वर्तमान में मुख्य अभियंता-1 और मुख्य अभियंता-2 की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी के पास है। विकास अनुमति विभाग में दो अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनके पद अब तक नहीं भरे गए हैं। अतिक्रमण विभाग में केवल दो अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि जमीन और संपत्ति विभाग का जिम्मा अस्थायी रूप से तहसीलदार को सौंपा गया है।

हिंजवडी और चाकण जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में पीएमआरडीए को लगातार बढ़ती नागरिक समस्याओं और विकास कार्यों की जिम्मेदारी निभानी होती है। ऐसे में अधिकारियों की कमी से न केवल परियोजनाओं की गति धीमी हो रही है, बल्कि लोगों की शिकायतों के समाधान में भी देरी हो रही है। नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएं ताकि विकास कार्य सुचारु रूप से जारी रह सकें।

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