PMC Election से पहले शरद पवार गुट में भूचाल, सुप्रिया सुले के बयान से बढ़ा विवाद

Pune News: मनपा चुनाव से पहले पुणे में शरद पवार गुट की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। प्रशांत जगताप के इस्तीफे और सुप्रिया सुले के बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
Supriya Sule
सुप्रिया सुले (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Pune News In Hindi: महाराष्ट्र में होने वाले आगामी मनपा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार पक्ष) के भीतर मची रार अब सार्वजनिक हो गई है।

पुणे शहर में पार्टी के सबसे मजबूत स्तंभ माने जाने वाले शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप के इस्तीफे और उसके बाद सांसद सुप्रिया सुले द्वारा दिए गए एक विवादित बयान ने शहर के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

सुप्रिया सुले पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि तुम लोगों को छोटे गड्ढे में रहने का बहुत शौक है। मैं समंदर की मछली हूं। प्रशांत जगताप के इस्तीफे के बाद डैमेज कंट्रोल के लिए पुणे पहुंचीं पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने दिन भर पदाधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठकों के दौर के बाद जब वह मीडिया से मुखातिब हुई, तो माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब पत्रकारों ने प्रशांत जगताप और पुणे की स्थानीय राजनीति को लेकर सवाल पूछना शुरू किया। सवालों से झुंझलाई सुप्रिया सुले ने एक बेहद अजीबोगरीब टिप्पणी करते हुए कहा कि तुम लोगों को डबके (छोटे गड्ढे या पोखरे) में रहने का बहुत शौक है, मैं समंदर की मछली हूं। पुणे शहर और यहां की राजनीति पर बहुत चर्चा हो चुकी है, इस दुनिया में बात करने के लिए और भी बहुत कुछ है।

जगताप का जाना शरद पवार गुट के लिए बड़ा झटका

राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले यह चर्चा तेज है कि शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाले दोनों गुट फिर से एक साथ आ सकते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस संभावित गठबंधन का कड़ा विरोध हो रहा था।

पुणे शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप इस गठबंधन के सख्त खिलाफ थे। अंततः अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए जगताप ने शहराध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। जगताप का जाना शरद पवार गुट के लिए पुणे में एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

  • पुणे की अस्मिता और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश सुप्रिया सुले द्वारा पुणे की राजनीति की तुलना 'डबके' (ठहरे हुए गंदे पानी के छोटे गड्डे) से करने पर विपक्षी दलों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी नाराजगी जताई है।
  • सवाल उठाए जा रहे हैं कि जो पुणे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और राजनीतिक राजधानी है, उसे एक सांसद 'डबका' कैसे कह सकती हैं?
  • राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक तरफ जहां पार्टी के पदाधिकारी इस्तीफा दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुले का यह अहंकार भरा बयान चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
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