15 अगस्त 2025 और 31 जनवरी 2026 की डेडलाइन बीती, सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू न होने पर ESIC घिरी

Andheri MIDC स्थित कामगार अस्पताल समयसीमा के बावजूद पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने के आरोप में ESIC को अवमानना का नोटिस भेजा गया है।
ESIC Hospital
ईएसआईसी अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
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ESIC Hospital Delay Contempt Notice: अंधेरी (पूर्व) एमआईडीसी स्थित कामगार अस्पताल को शुरू करने की घोषणा के बाद भी अस्पताल का काम पूरा नहीं हो पाया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का पालन नहीं करने पर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) को अवमानना का कानूनी नोटिस भेजा गया है।

यह नोटिस अधिवक्ता राहुल कामेरकर ने अपने मुवक्किल राजेश शर्मा की ओर से जारी किया है। मामला जनहित याचिका क्रमांक 8/2024 राजेश शर्मा बनाम ईएसआईसी एवं अन्य से जुड़ा हुआ है। नोटिस में उल्लेख है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल 2025 को दिए अपने आदेश में ईएसआईसी द्वारा दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया था।

इसके अनुसार नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी को अस्पताल के नवीनीकरण कार्य को 15 अगस्त 2025 तक पूरा कर भवन का कब्जा सौंपना था, जबकि ईएसआई कॉरपोरेशन को 31 जनवरी 2026 तक अस्पताल को पूरी तरह चालू करने के प्रयास करने के निर्देश दिए गए थे।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक अस्पताल के निर्माण व नवीनीकरण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। 15 अगस्त 2025 की समय सीमा बीत चुकी है और 31 जनवरी 2026 भी गुजर जाने के बावजूद अस्पताल शुरू नहीं हो सका है।

एमआईडीसी में कामगार अस्पताल का निर्माण 1977 में किया गया। ईएसआई योजना के अंतर्गत बनाए गए इस अस्पताल का उद्देश्य औद्योगिक श्रमिकों व उनके परिवार को बीमारी, मातृत्व, विकलांगता आदि जैसी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। कामगार अस्पताल को साल 2008 में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया गया। जिसके निर्माण पर 250 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।

ESIC ने दिया था अंडरटेकिंग

6 वर्ष बाद भी जब अस्पताल दोबारा नहीं खुला तो पूर्व उप महापौर राजेश शर्मा ने 2024 में एक जनहित याचिका दायर की। एम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (ईएससीआई) ने एक अंडरटेकिंग दी कि बिल्डिंग अगस्त 2025 तक अस्पताल प्रशासन को सौंप दी जाएगी, जबकि अस्पताल जनवरी 2026 के अंत तक पूरी क्षमता से शुरू हो जाएगा।

हालांकि अस्पताल 100 बेड के साथ आंशिक रूप से फिर से खुल गया, लेकिन वादा की गई सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं 300 बेड के साथ एक दूर की कौड़ी बनी रहीं। आधुनिकीकरण परियोजना में उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम और कार्डियोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स के लिए विशेष ओपीडी विंग शामिल है।

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