Sunetra Pawar Baramati Nomination (फोटो क्रेडिट-X)
Sunetra Pawar Nomination: महाराष्ट्र की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट बारामती के विधानसभा उपचुनाव के लिए महायुति की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर कविवर्य मोरोपंत नाट्यगृह में आयोजित एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हुए सुनेत्रा पवार काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने संबोधन में न केवल अपने दिवंगत पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की यादों को साझा किया, बल्कि अपनी राजनीतिक पहचान को रेखांकित करते हुए कहा, “मैं चार बार के मुख्यमंत्री (शरद पवार) की बहू हूं और बारामती मेरा परिवार है।”
दो महीने पहले विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद यह बारामती में पहला चुनाव है। सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा का जाना केवल उनके परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे बारामती के लोग अनाथ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अजित दादा ने बारामती को विश्व स्तरीय शहर बनाने का जो सपना देखा था, उसे पूरा करने के लिए अब उनकी साथ की अत्यंत आवश्यकता है।
सुनेत्रा पवार ने बारामती की जनता को भरोसा दिलाया कि अजित पवार की कार्यशैली को वे आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा, “दादा का जनता दरबार जैसे सभी के लिए हमेशा खुला रहता था, वैसे ही वह आगे भी जारी रहेगा। मैं प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध रहूँगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी अवैध गतिविधि या जनता को परेशान करने वाले तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दादा द्वारा शुरू किए गए सभी विकास कार्यों को समय पर पूरा करना उनका मुख्य संकल्प है।
ये भी पढ़ें- Hamaz Siddiqui: दिल्ली दहलाने की साजिश के आरोप में हमाज सिद्दीकी गिरफ्तार, पिता बोले- ‘मेरा बेटा निर्दोष है’
इस नामांकन सभा में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ-साथ भाजपा, शिवसेना, आरपीआई, रयत क्रांति संगठन और भीमशक्ति रिपब्लिकन सेना के दिग्गज नेता, सांसद और विधायक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सुनेत्रा पवार ने सभी घटक दलों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई उनकी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि अजित दादा पर प्रेम करने वाले हर बारामतीकर की है। उन्होंने कहा कि बारामती केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि दादा की ‘सांस’ थी और वे उस सांस से जुड़े हर व्यक्ति के लिए काम करेंगी।
राजनीतिक गलियारों में सुनेत्रा पवार द्वारा शरद पवार का जिक्र किए जाने को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। अजित पवार के निधन के बाद बारामती में पवार परिवार की विरासत को लेकर जो खालीपन आया है, सुनेत्रा उसे भावनात्मक और विकासपरक दोनों स्तरों पर भरने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दोहराया कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन उनके विचारों और विकास की दृष्टि को आगे ले जाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अब 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में बारामती की जनता इस भावनात्मक अपील पर अपनी क्या मुहर लगाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।