Hamaz Siddiqui: दिल्ली दहलाने की साजिश के आरोप में हमाज सिद्दीकी गिरफ्तार, पिता बोले- 'मेरा बेटा निर्दोष है'

Hamaz Siddiqui Mumbai Arrest: दिल्ली में धमाकों की साजिश के आरोप में कुर्ला से 18 साल का हमाज गिरफ्तार। पिता ने बताया- PUBG और अनजान कॉल्स का सच।
Hamaz Siddiqui Father
Hamaz Siddiqui Father (फोटो क्रेडिट-X)
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Hamaz Siddiqui Mumbai: देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। महाराष्ट्र एटीएस (ATS) के साथ संयुक्त ऑपरेशन में पुलिस ने मुंबई के कुर्ला इलाके से 18 वर्षीय हमाज सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। हमाज पर दिल्ली में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने और संदिग्ध आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद हमाज के पिता, जलालुद्दीन सिद्दीकी, मीडिया के सामने आए और अपने बेटे का पक्ष रखा।

जलालुद्दीन सिद्दीकी ने भावुक होते हुए बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में बेहद होशियार है और इस साल अपनी 12वीं की परीक्षा देने की तैयारी कर रहा था। पिता के अनुसार, हमाज पिछले तीन साल से ऑनलाइन गेम PUBG का आदी हो गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों से हमाज घंटों तक फोन पर अनजान लोगों से बातें किया करता था, लेकिन उन्हें कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत किसी बड़ी मुसीबत का कारण बन जाएगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे फंसाया जा रहा है।

गरीबी और बीमारी से जूझ रहा परिवार

हमाज के पिता ने अपनी बदहाली का जिक्र करते हुए बताया कि उनका परिवार किराए के छोटे से घर में रहता है। हमाज की माँ कैंसर से पीड़ित हैं और जलालुद्दीन ने कर्ज लेकर अपने बेटे हमाज सिद्दीकी की पढ़ाई का खर्च उठाया था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन हमाज को पकड़ा गया, उस दिन वे अपने भांजे के अंतिम संस्कार में गए हुए थे। जलालुद्दीन का कहना है कि उनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि वे दिल्ली जाकर अपने बेटे के लिए कानूनी मदद जुटा सकें।

तलाशी में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान

जलालुद्दीन के मुताबिक, दिल्ली पुलिस और एटीएस की तलाशी के दौरान घर से कोई भी हथियार, विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने केवल दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें से एक जलालुद्दीन का है और दूसरा उनके बड़े बेटे का। पिता का तर्क है कि अगर हमाज किसी साजिश में शामिल होता, तो पुलिस को उसके पास से कुछ ठोस सबूत मिलते। फिलहाल, हमाज को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया है, जहाँ स्पेशल सेल उससे गहन पूछताछ कर रही है।

डिजिटल रेडिकलाइजेशन का संदेह?

भले ही परिवार हमाज को निर्दोष बता रहा हो, लेकिन दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि हमाज सोशल मीडिया और गेमिंग एप्स के जरिए सीमा पार बैठे कुछ हैंडलर्स के संपर्क में था। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या 'ऑनलाइन गेमिंग' के बहाने हमाज का ब्र्रेनवॉश किया गया था। दिल्ली और मुंबई पुलिस अब हमाज के कॉल रिकॉर्ड्स और इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री को खंगाल रही है ताकि इस साजिश के पीछे छिपे असली चेहरों तक पहुँचा जा सके।

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