30,000+ डॉग बाइट्स के बाद जागा पुणे प्रशासन, अब कुत्तों के लिए PMC ने 25 लाख रुपए का बनाया नया प्लान
Pune stray dog news: पुणे में आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। समस्या का समाधान करने के बजाय पुणे नगर निगम (PMC) अब आवारा कुत्तों की गिनती के लिए 25 लाख रुपये खर्च करने जा रहा है।
- Written By: आकाश मसने
पुणे में होगी आवारा कुत्तों की गिनती (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI)
Pune Stray Dog Census: पुणे शहर में आवारा और खूंखार कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम नागरिकों का सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग डेढ़ लाख से अधिक हो चुकी है। एक तरफ जहां हजारों की संख्या में घूम रहे इन कुत्तों की नसबंदी की रफ्तार बेहद धीमी है, वहीं दूसरी ओर पुणे नगर निगम (PMC) ने कुत्तों की गिनती कराने के लिए तब्बल 25 लाख रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। नगर निगम के इस फैसले पर पुणे के नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है।
32 नए गांव शामिल, अब बनेगा स्पेशल मोबाइल ऐप
पुणे महानगरपालिका क्षेत्र में 32 नए गांवों के आधिकारिक विलय के बाद अब विस्तारित पुणे शहर के कोने-कोने में आवारा कुत्तों की नई जनगणना की जाएगी। यह अभियान लगभग एक साल तक चलेगा। इसके लिए PMC ने एक टेंडर नोटिस जारी किया है, जिसके तहत एक निजी एजेंसी को नियुक्त किया जाएगा।
प्राइवेट एजेंसियां mahatenders.gov वेबसाइट के जरिए बोली लगा सकती हैं। यह प्रोजेक्ट एक साल का है और इसके लिए 2,500 रुपए की अर्नेस्ट मनी जमा करनी होगी। बोली जमा करने की आखिरी तारीख 4 अगस्त है। इससे पहले 2023 में आवारा और खुलेआम घूमने वाले कुत्तों की गिनती की गई थी, जिसके लिए एक प्राइवेट एजेंसी ने 13 लाख रुपए की बोली लगाई थी। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि 2023 की गिनती के बाद, मौजूदा अनुमान के मुताबिक शहर में 1,79,000 आवारा कुत्ते हैं।
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हर पांच साल में होती है कुत्तों की गणना
पुणे में आवारा कुत्तों की सही संख्या का पता लगाने के लिए गिनती की जा रही है, क्योंकि शहर में अभी आवारा कुत्तों की आबादी काफी ज्यादा है। पुणे नगर निगम (PMC) के एक अधिकारी के अनुसार, आवारा कुत्तों की गिनती के लिए हर पांच साल में टेंडर निकाला जाता है। इस साल भी टेंडर निकाला गया है और पहली बार इस प्रक्रिया के तहत एक मोबाइल ऐप बनाया जाएगा। इस ऐप का इस्तेमाल हर वार्ड या प्रशासनिक जोन में कुत्तों की संख्या का पता लगाने के लिए किया जाएगा।
पुणे में कुत्तों की गणना (सोर्स: AI)
आवारा कुत्तों की आबादी को कंट्रोल करने के लिए, नगर निगम कुत्तों को पकड़ता है और उनकी नसबंदी करता है, जिसके बाद उन्हें उन्हीं इलाकों में वापस छोड़ दिया जाता है जहां से उन्हें पकड़ा गया था। इस काम को करने के लिए अलग-अलग संस्थाओं को नियुक्त किया जाता है। 2023 से पहले नगर निगम ने आखिरी बार 2018 में शहर के आवारा कुत्तों की गिनती की थी।
साल-दर-साल बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले
पुणे में आवारा कुत्तों के काटने और हमले की घटनाएं साल-दर-साल तेजी से बढ़ी हैं। नगर निगम के अपने आंकड़े बताते हैं कि स्थिति कितनी भयानक हो चुकी है।
- साल 2022: 16,569 मामले
- साल 2023: 22,945 मामले
- साल 2024: 25,899 मामले
- साल 2025: 30,613 मामले
ताजा आंकड़ों के अनुसार, केवल बीते वर्ष में ही कुत्तों के काटने की 30,613 घटनाएं दर्ज की गई हैं। मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले वरिष्ठ नागरिकों, सोसायटियों में खेलने वाले छोटे बच्चों और रात में दोपहिया वाहन से यात्रा करने वाले लोगों पर कुत्तों के झुंड अचानक हमला कर देते हैं।
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क्या कागज पर ही ‘भौंकती’ रहेगी योजना?- भड़के पुणेकर
समस्या के स्थाई समाधान के बजाय गणना पर लाखों रुपये उड़ाने के पुणे महानगरपालिका के फैसले से स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्या 25 लाख रुपये खर्च करके कुत्ते गिनने से काटने की घटनाएं कम हो जाएंगी? जनता के टैक्स का पैसा असली राहत देने के बजाय केवल कागजी अभियानों और ठेकेदारों का बिल भरने में बर्बाद किया जा रहा है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या यह योजना भी पहले की तरह कागजों पर ही ‘भौंकती’ रहेगी या कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।
