

Maharashtra Government Employee Social Media Rules: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सोमवार 28 जुलाई को जारी एक आधिकारिक परिपत्रक (Circular) के जरिए चेतावनी दी कि यदि कोई भी कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ 'महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज रूल्स' के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह नया नियम राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारियों, संविदात्मक कर्मियों, आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों पर भी अनिवार्य रूप से लागू होगा। हाल ही में नीट परीक्षा के विरोध में हुए देशव्यापी आंदोलनों और सोशल मीडिया पर कर्मचारियों की सक्रियता को देखते हुए सरकार के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।
नए नियमों के मुताबिक, कोई भी शासकीय कर्मचारी राज्य या केंद्र सरकार की किसी भी वर्तमान या हालिया नीतियों, फैसलों या राजनीतिक घटनाक्रमों पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी या आलोचनात्मक बयान नहीं दे सकता। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, घृणास्पद, मानहानिकारक या समाज में भेदभाव फैलाने वाली सामग्री को शेयर, फॉरवर्ड या अपलोड करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों को अपने पर्सनल और ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स को पूरी तरह से अलग रखना होगा। प्रोफाइल फोटो को छोड़कर, पर्सनल अकाउंट्स पर ऐसी रील्स, फोटो या वीडियो अपलोड करने पर सख्त रोक है जिनमें ऑफिशियल पद, लोगो, यूनिफॉर्म या सरकारी संपत्ति जैसे- गाड़ियां और इमारतें दिखाई देती हों।
सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी या अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर कोई भी गोपनीय दस्तावेज, ऑफिशियल रिकॉर्ड या जानकारी शेयर नहीं की जा सकती। इसके अलावा, अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने काम से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करते समय सावधानी बरतें ताकि यह खुद के प्रचार जैसा न लगे।
सरकारी योजनाओं का प्रचार करने और ऑफिस के कामकाज में तालमेल बिठाने के लिए WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म का ऑफिशियल तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, कर्मचारियों को केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा प्रतिबंधित किसी भी वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करने की मनाही है। साथ ही, ट्रांसफर होने की स्थिति में ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स का सही तरीके से हैंडओवर करना जरूरी है।
सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी 'महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1979' लागू होते हैं। सर्कुलर में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि जो कर्मचारी इन गाइडलाइंस या आचरण नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ 'महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979' के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।