8 आवारा कुत्तों ने 3 साल के मासूम को नोच-नोचकर मार डाला, छत्रपति संभाजीनगर में नगर निगम पर फूटा गुस्सा

Sambhajinagar Stray Dog Attack: खुलताबाद तहसील के कसाबखेड़ा में आवारा कुत्तों ने 3 साल के मासूम सार्थक पाटिल की नोच-नोच कर हत्या कर दी। घटना के बाद ग्रामीणों का नगर निगम पर गुस्सा फूटा है।
A 3-year-old toddler was mauled to death by stray dogs in Khultabad, triggering outrage against the Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation.
आवारा कुत्तों का हमला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Stray Dog Attack Khultabad Chhatrapati Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुलताबाद तहसील के कसाबखेड़ा गांव में एक बेहद दिल दहला देने वाली और परेशान करने वाली घटना घटी है। मातेगांव चौफुली से देवपुरी जाने वाली सड़क के किनारे एक खेत में रहने वाले तीन साल के बच्चे पर सात से आठ आवारा कुत्तों ने हमला कर उसकी जान ले ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार दोपहर को हुई इस घटना में कुत्तों का हमला इतना भीषण था कि बच्चे का सिर ओऔर एक बायां पैर धड़ से अलग हो गया। इस घटना के चलते पूरे खुल्तबाद तालुका में भारी आक्रोश है और राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों से छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

जलगांव जिले (पचोरा, सतगांव डोंगर) के निवासी गजानन पाटिल अपने परिवार के साथ पिछले चार महीनों से देवपुरी के पास एक मुर्गी फार्म में काम कर रहे हैं। उनका परिवार तुषार गावळी के फार्म में ग्रुप नंबर 300 में रहता है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे गजानन पाटिल का छोटा बेटा सार्थक गजानन पाटिल (उम्र 3 साल) खेलते हुए घर से बाहर आया।

उसी समय इलाके के 7-8 आवारा कुत्तों ने उस छोटे बच्चे को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। हमला इतना क्रूर था कि बच्चे का सिर और एक पैर धड़ से अलग हो गए। घटना के समय बच्चे के पिता मुर्गीपालन फार्म में काम कर रहे थे, जबकि उसकी मां, जो बहरी और गूंगी थी, बच्चे की चीखें नहीं सुन सकी। पिता ने कुत्तों की आवाज सुनी और दौड़े, लेकिन तब तक मासूम बच्चे की दुखद मौत हो चुकी थी।

छत्रपति संभाजीनगर नगरपालिका के प्रशासन पर आलोचना

इस घटना के बाद कासबखेड़ा और वेरुल इलाकों में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय प्रतिनिधियो और नागरिकों ने छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम पर आरोप लगाया है कि उसने अपने क्षेत्र से सैकड़ों आवारा और खूंखार कुत्तों को वाहनों में भरकर खुल्तबाद, वेरुल और कासबखेड़ा के ग्रामीण इलाकों में छोड़ दिया है।

पिछले कुछ महीनों से ये आवारा कुत्ते लगातार स्कूली बच्चों, छोटे बच्चों और पालतू जानवरों पर हमला कर रहे हैं। बेर-बार शिकायतें मिलने के बावजूद प्रशासन ने इस पर ढिलाई बरती, जिसके चलते आज एक शिशु की जान चली गई। प्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं ने इस मामले में नगर प्रशासन को दोषी ठहराया है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस पंचनामा

घटना की सूचना मिलते ही खुल्तबाद पुलिस स्टेशन के सहायक सब-इंस्पेक्टर मनोहर पुंगले और राकेश अव्हाड तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू की। सामाजिक कार्यकर्ता मसीउद्दीन शेख ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मृतक सार्थक के शव को अपनी एम्बुलेंस से वेरुल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहाँ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश केरे ने शव का पोस्टमार्टम किया और परिजनों को सौंप दिया।

प्रशासन से कार्रवाई और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने आवारा और हिंसक कुत्तों पर तत्काल नियंत्रण की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन से प्रभावित परिवार को सहायता देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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