मराठा युवाओं के उत्थान में सारथी की बड़ी भूमिका, CM देवेंद्र फडणवीस ने किया निपुण सेतु का ऐलान
SARATHI Scheme Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार की 'सारथी' संस्था के जरिए हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियों और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। मेधावी छात्रों के सम्मान समारोह में सरकार ने कई नई घोषणाएं कीं।
- Written By: आकाश मसने
सारथी से सफल हुए युवाओं को सम्मानित करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (सोर्स: एक्स@CMOMaharashtra)
CM Devendra Fadnavis On SARATHI Scheme : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने मराठा समुदाय के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान के लिए शिक्षा, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की ट्रेनिंग, उद्यमिता और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसर प्रदान करने की नीति अपनाई है; उन्होंने आगे कहा कि इस उद्देश्य के लिए स्थापित संगठन ‘सारथी’ के माध्यम से किया गया काम उल्लेखनीय है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह बात पुणे के गणेश कला क्रीड़ा मंच पर छत्रपति शाहू महाराज रिसर्च, ट्रेनिंग एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (सारथी) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कही। इस कार्यक्रम में उन छात्रों और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) और महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) की परीक्षाओं के साथ-साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि SARATHI के जरिए 140 युवा UPSC परीक्षा में, 1,124 युवा MPSC परीक्षा में और 500 से ज्यादा युवा बैंकिंग सेक्टर में सफल हुए हैं। अलग-अलग स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए 13,000 से ज्यादा युवा नौकरी पाने लायक बने हैं और दो लाख से ज्यादा छात्रों को ऐसी ट्रेनिंग का फायदा मिला है।
सम्बंधित ख़बरें
राज ठाकरे ने मनसे पदाधिकारियों को दिया अल्टीमेटम, बोलें- ‘निष्क्रिय मत बैठो, तुरंत काम में जुट जाओ’
उधर एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर, इधर फ्लाइट में एक साथ दिखे सीएम फडणवीस और उद्धव ठाकरे; सियासी हलचल तेज
Mumbai News: भायंदर-बोरीवली के बीच जंबो ब्लॉक, रविवार को दिन में नहीं होगा ब्लॉक
सूरत में जुटेंगे देश भर के टेक्सटाइल व्यापारी, भारतीय व्यापार महोत्सव की लॉन्चिंग
मराठा छात्रों को फीस में 50% तक राहत
सीएम फडणवीस ने बताया कि मराठा समुदाय के आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा, ट्रेनिंग और रोजगार के तीन स्तंभों पर आधारित एक पॉलिसी लागू की गई थी। उच्च शिक्षा में प्रोफेशनल कोर्स कर रहे मराठा समुदाय के छात्रों को पढ़ाई की फी में 50% छूट देने का फैसला किया गया।
होनहार छात्रों को बड़े शहरों में पढ़ाई करने में मदद करने के लिए हॉस्टल की सुविधाएं और भाऊसाहेब पंजाबराव देशमुख निर्वाह भत्ता योजना (गुजारा भत्ता योजना) शुरू की गई, जिसके तहत छात्रों को 60,000 तक की आर्थिक मदद दी जाती है।
🔸Felicitation of successful students and parents for their achievements in the Union Public Service Commission (UPSC), Maharashtra Public Service Commission (MPSC) and other programmes, organised by Chhatrapati Shahu Maharaj Research, Training and Human Development Institute… pic.twitter.com/9v9071fo3B — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) June 26, 2026
उद्यमिता के हर सल 1,500 करोड़ रुपए का लोन
एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक रूप से पिछड़े विकास निगम को फिर से सक्रिय किया गया और ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की गई। इस पहल के जरिए 1.75 लाख से ज्यादा एंटरप्रेन्योर तैयार हुए हैं और 7,500 करोड़ से ज्यादा का लोन उपलब्ध कराया गया है। महाराष्ट्र सरकार इस काम के लिए हर साल 1,500 करोड़ रुपए देती है।
AI और ड्रोन तकनीक पर भी फोकस
महाराष्ट्र सरकार ने AI-आधारित ‘महाविस्तार’ (Mahavistar) ऐप लॉन्च किया है, जिसका इस्तेमाल अभी लगभग 50 लाख किसान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी कृषि में बड़ा बदलाव लाने वाली है और SARTHI ने ड्रोन पायलटों के लिए जरूरी ट्रेनिंग शुरू कर दी है।
छह शहरों में बनेंगे नए सेंटर और हॉस्टल
नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती, नागपुर, लातूर और कोल्हापुर में SARTHI के डिविजनल सेंटर, स्टूडेंट हॉस्टल और ट्रेनिंग सुविधाएं स्थापित करने का काम चल रहा है। ये प्रोजेक्ट अगले साल तक पूरे हो जाएंगे।
निपुण सेतु पहल का किया ऐलान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘निपुण सेतु’ पहल शुरू करने की घोषणा की। यह उन छात्रों के लिए है जो मेरिट के आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में तो पास हुए, लेकिन वैकेंसी कम होने के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई, उन्हें प्राइवेट सेक्टर में मौके दिलाने की कोशिश की जाएगी और उनकी ट्रेनिंग का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला! आशा वर्कर और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलेगा राज्य बीमा योजना का लाभ
सारथी को लेकर क्या बोलीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार
पुणे में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज की जयंती पर मनाए जाने वाले ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के अवसर पर मेधावी छात्रों का सम्मान सिर्फ किसी छात्र की व्यक्तिगत सफलता का जश्न नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का जश्न है।
SARTHI के लिए 1,360 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूरी
SARTHI का एडमिनिस्ट्रेटिव हेडक्वार्टर, 8 डिविजनल ऑफिस और अच्छी सुविधाओं वाले हॉस्टल बनाने के लिए 1,360 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। इसमें हर एक में 500 लड़के और 500 लड़कियों के रहने की व्यवस्था है।
इस अवसर पर उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत (दादा) पाटिल, अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग विकास निगम के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल, मेयर मंजूषा नागपुरे, शिक्षा आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह, नगर आयुक्त नवल किशोर राम, पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, योजना विभाग की सचिव शैला ए., संभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले, सारथी के अध्यक्ष अजीत निंबालकर और प्रबंध निदेशक महेश पाटिल भी उपस्थित थे।
