

Baramati Water Supply Scheme Sunetra Pawar: वारामती शहर और उसके आसपास के परिसर में जलापूर्ति व्यवस्था को मिली व अधिक सक्षम, परिणामकारक और दीर्घकालिक रूप देने के लिए मुंबई के विधान भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया था। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में बारामती शहर की जलापूर्ति के साथ-साथ तहसील की कुल 23 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक में जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर-साकोरे, बारामती के नगराध्यक्ष सचिन सातव और प्रधान सचिव पराग जैन-नैनुटिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि बारामती शहर के तहत आने वाली जलोची और तांदुलवाडी जलापूर्ति योजना के साथ साथ शहर जलापूर्ति योजना फेज-1 के अंतर्गत पूर्ण हो चुके सभी कार्यों को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) की ओर से तुरंत बारामती नगरपरिषद को हस्तांतरित कर दिया जाए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में आदेश दिया कि बारामती शहर जलापूर्ति योजना फेज-2 के जितने भी काम अभी लंबित या प्रलंबित हैं, उन्हें दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के लिए संबंधित सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम करें।
बैठक के दौरान बारामती के मुख्य जल भंडार तालाब में हो रहे पानी के लीकेज का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस रिसाव को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरम्मत कार्य के दौरान नागरिकों की दैनिक जलापूर्ति पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जल संकट से बचने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी उपाय तत्काल लागू करने को कहा ताकि आम जनता को बिना किसी असुविधा के नियमित और शुद्ध पेयजल मिलता रहे।
बैठक के अंतिम चरण में बारामती तहसील की 23 प्रमुख जलापूर्ति योजनाओं पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त सभी ग्रामीण योजनाओं के काम को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को स्थायी, नियमित और गुणवत्तापूर्ण पानी की आपूर्ति हो सके, जिससे भविष्य में पानी की किल्लत की समस्या को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने बाताया की बारामती शहर और तहसील के नागरिकों को शुद्ध, नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि जलापूर्ति की सभी स्वीकृत योजनाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी हो। पानी की बर्बादी और तालाबों का रिसाव रोकने के लिए अधिकारी तत्काल तकनीकी कदम उठाएं ताकि हर घर तक हक्का का पानी पहुंच सके।