पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आए आंकड़ों ने पुणे महानगरपालिका (PMC) की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को बेनकाब कर दिया है। महानगरपालिके की 313 प्राथमिक स्कूलों में 321 शिक्षक पद रिक्त पड़े हैं।
कुल 2.390 स्वीकृत पदों में से 2.069 शिक्षक कार्यरत हैं। यानी 13% कक्षाएं आज भी बिना शिक्षक के चल रही हैं। आम आदमी पार्टी ने इस पर पीएमसी प्रशासन और राज्य सरकार दोनों की कठोर आलोचना करते हुए कहा है कि यह लापरवाही सीधे-सीधे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
आप के पुणे शहर के उपाध्यक्ष एड कृणाल घारे और शिक्षक आघाडी की अध्यक्ष शीतल कांडेलकर ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की, एड। घारे ने कहा “सरकार डिजिटल स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुधारों के दावे करती है, लेकिन सच यह है कि हजारों बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक तक नहीं है।
यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि समाज के भविष्य पर किया गया अन्याय है। उरिक्त कक्षाएँ सिर्फ पढ़ाई रोकती नहीं, बल्कि समाज का भविष्य रोक देती हैं। नाबालिग अपराधों में बढ़ती संख्या यह बताती है कि शिक्षा व्यवस्था की नींव हिल चुकी है।
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आज स्कूलों में शिक्षक नहीं, तो कल समाज में जिम्मेदार नागरिक कैसे बनेंगे ?”। AAP की शीतल कांडेलकर ने कहा, “हम दो साल से PMC प्रशासन को बार-बार अवगत करा रहे हैं। लेकिन हर बार सिर्फ मोटिंग, घोषणा और फोटोसेशन वास्तविक कार्रवाई शून्य। कक्षाएं खाली हैं।