Pimpri Chinchwad Parking Pit Accident (फोटो क्रेडिट-X)
Pune Parking Pit Accident: महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने रिहायशी सोसायटियों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाकड इलाके की अश्वनी गैलेक्सी सोसायटी में खेल रही 3 साल की मासूम श्रीजा अनिल सांगले अचानक 15 फीट गहरे पार्किंग पिट (गड्ढे) में गिर गई। यह गड्ढा अधूरा था और बिल्डर की लापरवाही के चलते इसे बिना किसी सुरक्षा घेरे या रेलिंग के खुला छोड़ दिया गया था।
हादसे के वक्त बच्ची गार्डन के पास खेल रही थी, तभी वह इस गहरे गड्ढे में समा गई। गिरने की आवाज सुनकर दौड़े लोगों ने उसे बाहर निकाला, जिसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया। श्रीजा के सिर और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
यह हादसा सोसायटी के एफ-विंग (F-Wing) के पास हुआ, जहाँ मल्टीलेवल कार पार्किंग का काम चल रहा था। निवासियों का आरोप है कि ‘किंग मल्टीलेवल कार पार्किंग सिस्टम’ द्वारा बनाया जा रहा यह पिट लंबे समय से अधूरा पड़ा था। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखते हुए इसके आसपास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही कोई जाली या दीवार बनाई गई थी। एक छोटी सी चूक ने एक मासूम की जान जोखिम में डाल दी।
ये भी पढ़ें- Maharashtra Budget 2026: किसानों की कर्ज माफी की तैयारी! शिंदे समिति ने बैंकों से मांगा बकाया ऋण का डेटा
हादसे के बाद बच्ची की माँ ने न्याय के लिए वाकड पुलिस स्टेशन का रुख किया है। पुलिस ने अश्वनी पैराडाइज कंपनी के बिल्डर और किंग मल्टीलेवल कार पार्किंग सिस्टम के संचालक जगन्नाथ राउत के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि व्यावसायिक लाभ के लिए बच्चों के खेलने वाले क्षेत्र के पास सुरक्षा उपायों की घोर अनदेखी की गई। वाकड पुलिस ने मौके का मुआयना किया है और प्रारंभिक जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की है।
इस घटना के बाद अश्वनी गैलेक्सी सोसायटी के निवासियों में बिल्डर के खिलाफ भारी आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को गार्डन में भेजने से भी डर रहे हैं। उन्होंने पूरी सोसायटी का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। पुलिस ने फिलहाल उस खतरनाक गड्ढे को ढंकने और उसके आसपास रेलिंग लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। यह घटना बिल्डरों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि वे निर्माण कार्यों के दौरान बच्चों की सुरक्षा को हल्के में न लें।