administrator appointment controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Panchayat Administration: महाराष्ट्र की 16 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जिन पर अब सरकारी कर्मचारियों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। अन्य राज्यों की तर्ज पर मौजूदा सरपंचों और पदाधिकारियों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपने की मांग को लेकर अखिल भारतीय सरपंच परिषद ने शुक्रवार, 20 फरवरी को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में तालाबंदी की घोषणा की है।
इस संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिषद के अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि वर्तमान में कार्यकाल समाप्त होने वाली पंचायतों की संख्या के मुकाबले सरकारी जनशक्ति में भारी कमी है। ऐसी स्थिति में एक प्रशासक को 5 से 20 गांवों का कार्यभार संभालना पड़ेगा, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों के साथ न्याय नहीं हो पाएगा।
उन्होंने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में सरपंचों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार के पास ऐसा कानून बनाने का अधिकार है। परिषद ने मांग की है कि सरकार अध्यादेश लाकर सरपंचों को ही प्रशासक नियुक्त करे।
परिषद ने चिंता जताई कि रोजगार गारंटी योजना के तहत सड़क निर्माण, कुओं और गोशालाओं जैसे व्यक्तिगत कार्यों का भुगतान अब तक लाभार्थियों को नहीं मिला है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन और ठक्कर बाप्पा योजना के अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के बावजूद उनके बिल लंबित हैं।
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