रोहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Post On Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता अजित पवार के दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे को आज 20 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस प्रशासनिक प्रगति न होने से विवाद बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने इस देरी पर गहरा संदेह व्यक्त करते हुए सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) पर तीखा हमला बोला है।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे के 20 दिन बाद भी DGCA की ओर से कोई प्राथमिक जांच रिपोर्ट (Preliminary Inquiry Report) पेश नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस अत्यधिक देरी के कारण अब इस हादसे के पीछे किसी बड़ी साजिश की शंका अधिक बलवती होती जा रही है। रोहित के अनुसार, प्राथमिक रिपोर्ट का समय पर न आना न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि यह जनता के प्रति जवाबदेही का भी अभाव है।
स्व.दादांच्या दुर्दैवी अपघाताचा आज विसावा दिवस असून अद्यापही DGCA कडून प्राथमिक चौकशी अहवाल आलेला नाही, तसेच सर्व नियमांचे उल्लंघन करत विमाने चालवणाऱ्या VSR कंपनीविरोधात देखील काहीही कारवाई अद्यापर्यंत झालेली नाही, परिणामी शंका अधिक बळावत चालल्या आहेत. त्यामुळे DGCA ने लवकरात… — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) February 16, 2026
रोहित पवार का सबसे बड़ा हमला उस विमान कंपनी पर है जिसकी सेवा अजित पवार ले रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि VSR कंपनी ने सभी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है, फिर भी सरकार ने अब तक इस कंपनी के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की है और न ही इस पर कोई प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या इस कंपनी के मालिकों और पार्टनर का राजनीतिक वजन इतना अधिक है कि सरकार उन पर कार्रवाई करने से डर रही है?” उन्होंने मांग की कि जैसे भ्रष्ट ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाता है, वैसे ही इस कंपनी पर भी तुरंत ताला लगाया जाना चाहिए।
जांच में हो रही देरी को लेकर रोहित पवार ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और DGCA अधिकारियों से मिलने के कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने सभी तथ्यों और संदेहों को एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के रूप में ईमेल के जरिए संबंधित मंत्रालयों को भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्ते में न होने के बावजूद उनके द्वारा किए जा रहे इस फॉलोअप पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी और वास्तविकता सामने लाएगी।
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इस हादसे को लेकर केवल देरी ही चर्चा में नहीं है, बल्कि कई अन्य ‘थ्योरी’ भी तैर रही हैं। एमएलसी अमोल मिटकरी ने पहले ही यह सवाल उठाया था कि क्या अजित पवार के विमान में विस्फोटक (Explosives) रखे गए थे? इसके साथ ही, अजित पवार की मृत्यु के कुछ ही घंटों के भीतर 75 सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर होने के खुलासे ने भी इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक रहस्यमयी बना दिया है। रोहित पवार ने साफ किया है कि जब तक पूरे महाराष्ट्र को इस हादसे के पीछे की सच्चाई नहीं पता चल जाती, वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।