विनायक दामोदर सावरकर विवाद मामले में सबूतों पर सवाल, पुणे कोर्ट में सुनवाई के दौरान नया खुलासा
Veer Savarkar Speech Controversy Pune Court: राहुल गांधी से जुड़े मानहानि केस में पुणे अदालत में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। मुख्य सबूत मानी जा रही सीडी खाली पाई गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
राहुल गांधी (Image- Social Media)
Rahul Gandhi Savarkar Defamation Case: पुणे की विशेष अदालत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान एक अहम मोड़ सामने आया है।
इस केस में मुख्य सबूत मानी जा रही सीडी को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिससे पूरे मामले की दिशा प्रभावित हो सकती है। यह मामला स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के कथित अपमान से जुड़ा है।
आरोप है कि राहुल गांधी ने वर्ष 2019 में लंदन में दिए एक भाषण में सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर सावरकर के परिजन सात्यकी सावरकर ने पुणे अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
सम्बंधित ख़बरें
भाजपा ने ममता दीदी को पराजय की ‘झालमुड़ी’ खिलाई : एकनाथ शिंदे
हमें यह खुशी का दिन नहीं लग रहा… बारामती में नहीं मनेगा जीत का जश्न, क्यों भावुक हुए जय पवार?
मिसिंग लिंक पर पिंपरी मेयर की सेल्फी, कहां है पुलिस? जनता पूछ रही सवाल- VIP के लिए अलग नियम!
‘ममता का खेल खत्म और अहंकार चूर’, बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत पर नवनीत राणा का करारा प्रहार
मुख्य सबूत बनी सीडी पर सवाल
सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि अदालत में पहले जमा की गई सीडी, जिसमें कथित भाषण की रिकॉर्डिंग होने का दावा किया गया था, जांच के दौरान खाली पाई गई। यह वही सीडी थी जिसके आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिससे अब इस सबूत की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
पेन ड्राइव का किया गया उल्लेख
राहुल गांधी के वकील एडवोकेट मिलिंद दत्तात्रय पवार ने इस सीडी को अहम तकनीकी साक्ष्य बताते हुए उसकी प्रति मांगी थी। जिरह के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने स्वीकार किया कि बाद में सीडी के स्थान पर पेन ड्राइव उपलब्ध कराई गई थी, जिससे मामले में और उलझन बढ़ गई है।
यूट्यूब लिंक को नहीं मिली मान्यता
अदालत में प्रस्तुत यूट्यूब लिंक को भी सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि डिजिटल साक्ष्यों के मामले में अदालत सख्त रुख अपना रही है और केवल प्रमाणिक व सत्यापित सामग्री को ही मान्यता दी जाएगी।
ये भी पढ़ें :- महाराष्ट्र में 38 नए डिग्री कॉलेजों को मंजूरी, महिलाओं की शिक्षा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
मामले की आगे की दिशा पर नजर
इस नए घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है। माना जा रहा है कि सबूतों को लेकर उठे इन सवालों का सीधा असर केस की दिशा और परिणाम पर पड़ सकता है।
