
राहुल गांधी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Rahul Gandhi: स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर का कथित अपमान करने के मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ पेश की गई सबूतों वाली सीडी खाली (ब्लैंक) निकलने से कोर्ट में हड़कंप मच गया। यह घटना गुरुवार को हुई सुनवाई में सामने आई।
दरअसल, राहुल गांधी ने 2019 में लंदन में एक इंटरव्यू के दौरान विनायक दामोदर सावरकर के बारे में कथित तौर पर विवादास्पद बयान दिया था। इसी बयान को लेकर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानी का मुकदमा दायर किया था।
सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के उस कथित भाषण की रिकॉर्डिंग वाली एक सीडी को सीलबंद लिफाफे में अदालत में सबूत के तौर पर जमा किया था। इसी सीडी के आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।
सत्यकी सावारकर द्वारा दिए सबूतों की जांच के दौरान मजिस्ट्रेट अमोल शिंदे की अदालत में जब सील बंद लिफाफे को खोलकर सीडी चलाने की कोशिश की गई तो उसमें कोई डेटा ही नहीं था, वह पूरी तरह खाली निकली। सीडी ब्लैंक देखकर शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर के वकील संग्राम कोल्हटकर भी स्तब्ध रह गए।
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उन्होंने अदालत को याद दिलाया कि इसी सीडी के आधार पर कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी करते हुए कार्यवाही शुरू की थी। इसके बाद वकील संग्राम कोल्हटकर ने कोर्ट से अनुमति मांगी कि वे यूट्यूब पर राहुल गांधी का वह कथित विवादास्पद भाषण चला सकें, लेकिन अदालत ने उनकी इस मांग को साफ-साफ खारिज कर दिया।






