Purandar Airport Project: प्रभावित किसानों के भूमि विवाद सुलझाने को 22 जून को विशेष कैंप, मौके पर होगा निपटारा
Purandar Airport Project: पुरंदर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के प्रभावित किसानों के भूमि और मुआवजे से जुड़े लंबित विवादों को सुलझाने के लिए 22 जून को सासवड में विशेष समाधान कैंप लगाया जा रहा है।
- Written By: रूपम सिंह
पुरंदर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Purandar Airport Project Land Acquisition: प्रस्तावित छत्रपति संभाजी राजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (पुरंदर) प्रोजेक्ट से प्रभावित किसानों की राजस्व, न्यायिक और अर्ध-न्यायिक लंबित समस्याओं को सुलझाने के लिए 22 जून को सुबह 11 बजे सासवड प्रांत कार्यालय में एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया है। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में होने वाले इस विशेष उपक्रम के जरिए प्रभावित किसानों के विभिन्न लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी और मौके पर ही उनका निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
अब तक लगभग 75 प्रतिशत किसानों ने अपने शपथ पत्र जमा कर दिए हैं, जिसकी वजह से करीब एक हजार करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का वितरण भी किया जा चुका है। अब शेष बचे पात्र किसानों तक मुआवजे की राशि जल्द से जल्द पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह विशेष अभियान शुरू किया है।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कई मामलों में वारिसों के नाम दर्ज करने, फेरबदल की मंजूरी, सातबारा के उतारों में त्रुटियां, नाम सुधार, हक छोड़ने का पत्र, संयुक्त स्वामित्व के विवाद, मृत खाताधारकों के नाम दर्ज करने, मालिकाना हक के सत्यापन, मूल्यांकन पर आपत्तियों और विभिन्न न्यायालयीन दावों के साथ-साथ अर्ध-न्यायिक मामलों के कारण मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में बाधाएं आ रही है।
सम्बंधित ख़बरें
नवी मुंबई मनपा सदन में हंगामा, लीगल ऑफिसर के निलंबन प्रस्ताव पर शिवसेना का वॉकआउट
पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: 20 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल समेत सभी आरोपी बरी
Pune Waste Management: हर दिन निकल रहा 2,700 टन वेस्ट, मनपा ने 27 प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स से संभाला मोर्चा
डोंबिवली में जल संकट पर महिलाओं का फूटा गुस्सा, हंडा-कलशी मोर्चा निकालकर किया प्रदर्शन
ये भी पढ़ें:- pune Waste Management: हर दिन निकल रहा 2,700 टन वेस्ट, मनपा ने 27 प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स से संभाला मोर्चा
इन सभी जटिल मामलों का एक ही जगह निपटारा करने के लिए राजस्व, भूमि अभिलेख, प्रांत कार्यालय, तहसील कार्यालय तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस कैंप में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस व्यवस्था से किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
