Pune रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों का साम्राज्य, सड़क से प्लेटफॉर्म तक अवैध कारोबार
Pune Railway Station पर अवैध वेंडरों का धंधा खुलेआम चल रहा है। फुटपाथ से प्लेटफॉर्म तक फैले इन स्टाल्स से यात्रियों को परेशानी और रेलवे की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे रेलवे स्टेशन पर मंडरा रहा अवैध वेंडर्स का साया (सौ. सोशल मीडिया )
Unauthorized Vendors In Pune Railway Station: पुणे रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। इनके धंधे का दायरा सड़क से लेकर प्लेटफॉर्म तक फैला हुआ है। फुटपाथों पर अवैध तरीके से लगाए गए स्टाल्स यात्रियों और राहगीरों दोनों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं।
खास बात यह है कि इन वेंडरों को न तो रेलवे प्रशासन का डर है और न ही किसी कार्रवाई का भय। चर्चा है कि इन अवैध वेंडरों की कमाई इतनी अधिक है कि कुछ की आमदनी रेलवे मंडल के सबसे बड़े अधिकारी डीआरएम की सैलरी से भी ज्यादा बताई जा रही है।
बेखौफ हैं अवैध वेंडर
स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 की ओर पार्किंग एरिया के पास टिकट विंडो के आसपास फुटपाथ पर अवैध स्टाल्स चौबीसों घंटे खुले रहते हैं। इन स्टाल्स के कारण न केवल पैदल चलने वालों को मुश्किल होती है, बल्कि स्टेशन की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
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कई वेंडर खुलेआम बोतलबंद पानी बेचते हैं, जिन पर न तो रेलवे या आईआरसीटीसी की मंजूरी होती है और न ही गुणवत्ता की कोई गारंटी। ये वेंडर प्लेटफॉर्म पर जाकर पुणे से छूटने और गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को अवैध रूप से महंगे दरों पर बोतलबंद पानी बेच रहे हैं।
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रेलवे की छवि हो रही है धूमिल
- स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि इन वेंडरों को किसी अंदरूनी संरक्षण का लाभ मिल रहा है, तभी वे इतने निडर होकर कारोबार चला पा रहे हैं।
- रेलवे विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि समय-समय पर इन वेंडरों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन वे कुछ ही दिनों में वापस आ जाते हैं।
- रेलवे प्रशासन के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि वह स्थायी समाधान और कड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाये।
- क्योंकि यदि यह अवैध नेटवर्क इसी तरह चलता रहा, तो यह न केवल रेलवे की छवि को धूमिल करेगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करेगा।
