अजित के सपनों को उड़ान: पुणे में MIDC समेत 3 बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी, खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी
Pune Infrastructure Projects: पुणे के लिए महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। पुरंदर एयरपोर्ट हेतु ₹6000 करोड़ के कर्ज को मंजूरी। इंदापुर में नई MIDC और बारामती में बनेगा अत्याधुनिक खेल कॉम्प्लेक्स।
- Written By: प्रिया जैस
महाराष्ट्र कैबिनेट में बड़े फैसले (सौजन्य-एक्स)
Sunetra Pawar First Cabinet Meeting: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद मंगलवार 10 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई जिसमें जिले के विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की भी यह पहली मंत्रिमंडल बैठक थी। इस बैठक में दिवंगत अजित पवार की विकास दृष्टि की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
उनके सपनों से जुड़े तीन बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर सरकार ने पुणे जिले के औद्योगिक, मुलभूत सुविधाएं और खेल के विकास को नई दिशा देने की पहल की है। मंत्रिमंडल की इस पहली बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने दिवंगत अजित पवार की विकास दृष्टि को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
पुरंदर हवाई अड्डा, इंदापुर MIDC और बारामती खेल कॉम्प्लेक्स जैसे प्रोजेक्ट पुणे जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन योजनाओं के जरिए क्षेत्र में निवेश, मुलभूत सुविधाओं और खेल क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
NEET Paper Leak: आधी रात को कोर्ट में पेश हुई मनीषा हवालदार; मुंहजुबानी याद थे प्रश्न, जानें CBI को क्या मिला?
मुंबई-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे: अब 3 घंटे नहीं, सिर्फ 90 मिनट में पूरा होगा सफर, जानें प्रोजेक्ट की विशेषताए
Pune Metro Uber QR Ticket : पुणे मेट्रो का सफर हुआ डिजिटल, अब उबर ऐप से बुक होंगे QR टिकट
पुणे में गहराया जल संकट, खडकवासला बांध में बचा पानी जुलाई तक पड़ सकता है कम
पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को गति
पुणे जिले के पुरंदर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अजित पवार की प्राथमिकताओं में शामिल था। इसी को देखते हुए मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के लिए विशेष प्रयोजन प्राधिकरण स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लगभग 6 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी और सिडको की भागीदारी रहेगी। भागीदारी के अनुपात में कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं संस्थाओं को सौंपी गई है। राज्य सरकार ने इस कर्ज को अपनी गारंटी देने की भी स्वीकृति दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार 1 जून 2026 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से पुणे और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग, व्यापार और यातायात सुविधा को बड़ी गति मिलने की संभावना है।
बारामती में खेल काम्प्लेक्स
बारामती में अत्याधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने का सपना भी अजित पवार ने देखा था और इसके लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए थे। मंत्रिमंडल ने बारामती MIDC के कटफल रेलवे स्टेशन के समीप 25 एकड़ भूमि पर खेल कॉम्प्लेक्स स्थापित को मंजूरी दी है।
यह भी पढ़ें – अदाणी ग्रुप का विदर्भ विजन: कोल टू केमिकल से लेकर मिहान MRO तक, नागपुर बनेगा नया लॉजिस्टिक्स गेट-वे
पुणे संग पश्चिम महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा विकल्प
बढ़ती हुई एयर कनेक्टिविटी उद्योग, व्यापार, आईटी क्षेत्र, पर्यटन तथा कृषि निर्यात के लिए निर्णायक साबित होगी। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद पुरंदर हवाई अड्डा पुणे और पश्चिम महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा विकल्य बनेगा, जिससे बढ़ती यात्री और कार्गो क्षमता को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से मध्य पूर्व, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मागों से सीधा हवाई संपर्क स्थापित होने में मदद मिलेगी।
- मुरलीधर मोहोल, केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री
इंदापुर में नई MIDC की जाएगी स्थापित
इंदापुर तालुका में औद्योगिक विकास बढ़ाने के लिए नई MIDC स्थापित करने का मुद्दा भी अजित पवार लगातार उठाते थे। मंत्रिमंडल ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र राज्य शेती महामंडल की रत्नपुरी मला स्थित लगभग 1 हजार एकड़ भूमि MIDC को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है।
इससे पहले जंक्शन क्षेत्र निर्णय प्रस्तावित थी, लेकिन बढ़ती औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त 1 हजार एकड़ भूमि की मांग की गई थी। इंदापुर के नागरिकों को अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन अजित पवार ने दिया था। अब सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र में नए उद्योगों को आकर्षित करने का रास्ता साफ हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
