छत्रपति संभाजीनगर: जल संकट पर एक्शन मोड में नए मेयर, सबसे पहली प्राथमिकता पेयजल
Sambhajinagar Water Supply: 23वें मेयर समीर राजूरकर ने शहर में 8-10 दिन में मिलने वाले पानी के अंतर को घटाने को पहली प्राथमिकता बताया। नई पेयजल योजना की नियमित समीक्षा कर जल्द राहत देने का भरोसा दिया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Drinking Water Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर के 23वें मेयर के रूप में पदभार संभालते ही समीर राजूरकर ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। मौजूदा समय में शहरवासियों को 8 से 10 दिन के अंतराल से हो रही पेयजल आपूर्ति को कम करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी।
मंगलवार को पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया कर्मियों से बातत्चीत में नवनिर्वाचित मेयर ने शहर से जुड़े बुनियादी मुद्दों, स्वच्छता और भ्रष्टाचार पर अपनी कार्ययोजना विस्तार से रखी।
मेयर समीर राजूरकर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से छत्रपति संभाजीनगर के नागरिकों को 8 से 10 दिन के अंतर से पेयजल आपूर्ति हो रही है। यह स्थिति शहर के लिए गंभीर है। वर्तमान में नई पेयजल योजना का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
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मनपा अधिकारियों और योजना का कार्य कर रही कंपनी के साथ बैठक कर यह तय किया जाएगा कि जलापूर्ति का अंतर कैसे कम किया जा सकता है। इस दिशा में ठोस और समयबद्ध निर्णय लेना उनकी प्राथमिकता होगी, मेयर ने स्पष्ट किया कि नई योजना के क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी जरूरी है। नई पेयजल योजना के कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि नागरिकों को जल्द राहत मिल सके।
स्वच्छ शहर के लिए जन सहभागिता जरूरी
अल्पकालीन और दीर्घकालीन दोनों स्तरों पर समाधान तलाशे जाएंगे। शहर को साफ और सुंदर बनाने पर भी मेयर ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर को स्वच्छ बनाना, केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि जनता की भी जिम्मेदारी है। कचरा प्रबंधन को लेकर जनजागृत्ति अभियान चलाया जाएगा।
लक्ष्य यह है कि शहर सफाई के मामले में अहमदाबाद और इंदौर जैसे शहरों की श्रेणी में पहुंचे। इसके लिए प्रशासन के साथ जनता में अनुशासन और सहभागिता विकसित की जाएगी।
एक सवाल के जवाब में मेयर समीर राजूरकर ने कहा कि मनपा चुनाव के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मनपा में वर्षों से जारी भ्रष्टाचार को खत्म करने का आश्वासन दिया था। उसी आश्वासन के अनुरूप मेयर बनते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाएगा। इसके लिए तीन स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन सिस्टम पर रहेगा विशेष जोर
मेयर ने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसमे तात्कालिक सुधारों के साथ दीर्घकालीन योजनाएं भी शामिल होंगी।
तीन महीने के शॉर्ट टर्म लक्ष्य और लॉन्ग टर्म सुधारात्मक उपायों पर एक साथ काम किया जाएगा ताकि मनपा की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सके।
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अंत में मेयर समीर राजूरकर ने मेयर पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, ओबीसी विकास मंत्री अतुल सावे, सासद डॉ. भागवत कराड, विधायक संजय केणेकर, नारायण कुचे, अनुराधा चव्हाण, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष किशोर शितोले और जिलाध्यक्ष संजय खंबायते का आभार व्यक्त किया।
