Pune MNC की नई अभय योजना पर सवाल, RTI में फिर उजागर हुए हजारों बकायेदार
Pune MNC नई अभय योजना लाने पर विचार कर रही है, लेकिन RTI में सामने आया कि पिछली योजनाओं का लाभ लेने वाले हजारों प्रॉपर्टी धारक फिर से बकायेदार बन गए। योजना पर सवाल बढ़े।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: मनपा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए नई अभय योजना लाने पर विचार कर रहा है, लेकिन इस योजना को लागू करने से पहले वर्ष 2020-21 और 2021-22 में लागू की गई पिछली दो योजनाओं के परिणामों का अध्ययन करना जरूरी है।
यह दावा सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष विवेक वेलणकर ने किया है। वेलणकर ने कहा कि पुणे मनपा ने वर्ष 2020-21 में प्रॉपर्टी टैक्स बकाया वसूलने के लिए अभय योजना शुरू की थी।
इस योजना का लाभ 1,49,683 बकायेदार प्रॉपर्टी धारकों ने उठाया और टैक्स भरा था। लेकिन इस प्रक्रिया में मनपा को दंड और ब्याज माफी के का नुकसान उठाना पड़ा था, इसके तुरंत बाद 2021-22 में एक बार फिर से नई अभय योजना लागू की गई।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे: शिरूर बाजार समिति का जांबूत उप-बाजार 15 वर्षों से बंद; असामाजिक तत्वों का बना अड्डा, किसानों में आक्रोश
केतन अग्रवाल को खाई में किसने दिया धक्का? नहीं मिला सबूत, सिया गोयल का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराएगी पुणे पुलिस
Siya Goyal Video: हाथ में बीयर की बोतल… सिया गोयल का नाइटक्लब में गाली देते हुए वीडियो वायरल
क्या केतन अग्रवाल मर्डर केस में शामिल है कोई तीसरा शख्स? तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी लोनावला पुलिस
मनपा को 210 करोड़ का हुआ नुकसान
पिछले योजना का लाभ उठाने वाले फिर से बकायेदार वेलणकर के अनुसार ऐसी योजनाओं के तहत समय पर टैक्स भरने वाले नागरिकों के साथ अन्याय होता है। नियमित करदाताओं पर इसका असर होता है जबकि बकायेदार नई योजना की उम्मीद में टैक्स रोककर बैठे रहते हैं।
मंच ने पहले ही यह आशंका व्यक्त की थी जिसकी सच्चाई सामने आ गई है। सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछली अभय योजना का लाभ उठाने वाले अधिकांश धारक फिर से बकायेदार बन गए हैं। विवेक वेलणकर ने कहा कि नई अभय योजना नहीं लानी चाहिए, यदि लाई ही जाती है ती पिछली योजनाओं का लाभ लेने के बाद जो धारक फिर से बकायेदार बने हैं, उन्हें इस बार योजना का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
ये भी पढ़ें :- Malad Child Accident News: सोसाइटी में खेलते समय कार की चपेट में आया बच्चा, पैर में फ्रैक्चर
क्या कहते है आंकड़े
2020-21 में योजना का लाभ लेने वाले 1,49,683 धारकों में से 63,518 (42%) दिसंबर 2024 तक फिर से बकायेदार बन गए। 2021-22 में योजना का लाभ लेने वाले 66,454 धारकों में से 44,685 (67%) दिसंबर 2024 तक फिर से बकायेदार बन गए।
