पुणे न्यूज (सौ. फाइल फोटो )
Pune PMC Health Department Vacancies: पुणे महानगर पालिका ने शहरवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के नाम पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तो पेश कर दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत हुए खुलासे ने मनपा के स्वास्थ्य दावों की पोल खोल दी है।
आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में ग्रेड-1 के कुल 145 स्वीकृत पदों में से केवल 38 पदों पर ही अधिकारी तैनात हैं, जबकि 107 पद खाली पड़े हैं। रिक्तियों का यह स्तर लगभग 74 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो शहर की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की चरमराती स्थिति को दर्शाता है।
बजट के प्रावधानों के बीच अस्पताल में विशेषज्ञों की भारी कमी सबसे चिंताजनक है, रिपोर्ट बताती है कि न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट और यूरोसर्जन जैसे सुपर स्पेशालिटी विशेषज्ञों के सभी पद रिक्त हैं। इसके अलावा, सामान्य विशेषज्ञ सेवाओं की स्थिति भी दयनीय है। फिजिशियन के सभी 10 पद खाली हैं, जबकि 17 में से 16 एक्स-रे विशेषज्ञ नदारद है।
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बाल रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञों के आधे से ज्यादा पद खाली होने के कारण आम नागरिकों, विशेषकर निम्न आय वर्ग के लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भारी खर्च करना पड़ रहा है। प्रशासनिक लापरवाही और समय पर भर्ती न होने के कारण करोड़ों के आधुनिक उपकरण और इमारतें केवल सफेद हाथी’ साबित हो रही हैं। ऐसे में सवाल यह उठत्ता है कि बिना डॉक्टरों और विशेषज्ञों के, बजट में घोषित नए मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल शहरवासियों को इलाज कैसे मुहैया कराएंगे।