पुणे में स्वारगेट-शिवाजीनगर मेट्रो हादसे के बाद PMC का बड़ा फैसला, बिना NOC नहीं होगा निर्माण
Underground Metro Safety Guidelines: पुणे के पेठ क्षेत्रों में मेट्रो टनल को खतरे में डालने वाली घटना के बाद PMC ने कड़े नियम लागू किए हैं। अब बोरवेल खुदाई के लिए तकनीकी जांच और NOC जरूरी होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Metro Tunnel Safety New Rules: शहर के घनी आबादी वाले पेठ क्षेत्रों में अंडरग्राउंड मेट्रो टनल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) अब कड़े कदम उठाने जा रही है।
- हाल ही में शुक्रवार पेठ में एक निजी निर्माण कार्य के दौरान बोरवेल की खुदाई करते समय स्वारगेट-शिवाजीनगर मेट्रो सुरंग में दरार आने और पानी के रिसाव की गंभीर घटना सामने आई है। इस लापरवाही को देखते हुए मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो रूट के ऊपर स्थित इमारतों और पुराने वाडों के पुनर्निर्माण के लिए अब नई और स्वतंत्र नियमावली लागू की जाएगी।
- इस मामले में संबंधित मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। शिवाजीनगर से स्वारगेट के बीच करीब 6 किलोमीटर लंबा मेट्रो मार्ग जमीन से लगभग 100 फीट नीचे स्थित है।
गहन तकनीकी जांच जरूरी
यह मार्ग फडके हौद और मंडई जैसे ऐतिहासिक और धनी बस्ती वाले इलाकों से होकर गुजरता है, जहां पुराने वाडों का पुनर्विकास तेजी से हो रहा है। नई नियमावली के तहत अब किसी भी निर्माण या पुनर्निर्माण से पहले गहन तकनीकी जांच और मेट्रो प्रशासन की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा, सबसे महत्वपूर्ण बदलाव बोरवेल खुदाई को लेकर है।
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अब केवल निर्माण अनुमति के आधार पर बोरवेल नहीं खोदे जा सकेंगे, बल्कि इसके लिए भूजल विभाग से अलग से मंजूरी लेनी होगी। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान संरचनात्मक सुरक्षा रिपोर्ट और निरंतर तकनीकी निगरानी को भी नियमों में शामिल किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी दुर्घटना को टाला जा सके।
