Sambhajinagar Animal Dehydration Risk ( Source: Social Media )
Sambhajinagar Animal Dehydration Risk: छत्रपति संभाजीनगर इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही तीव्र रूप धारण कर लिया है। बढ़ते तापमान का असर जहां लोगों पर पड़ रहा है, वहीं पशु-पक्षी भी इससे अछूते नहीं हैं।
पालतू जानवरों में डिहाइड्रेशन, गैस्ट्रो, भूख कम लगना व हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पशु चिकित्सकों ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शहरी क्षेत्रों में कुत्ते बिल्ली पालने का चलन बढ़ा है, वहीं ग्रामीण व अर्थ शहरी इलाकों में गाय, भैंस, बकरी, मुर्गियां व विभिन्न पक्षी पाले जाते हैं। गर्मी के मौसम में विशेष रूप से कुत्ते व बिल्लियां अधिक प्रभावित हो रही हैं।
कई नस्लों में शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए बाल झड़ते हैं। विशेषज्ञ अतिरिक्त बाल ट्रिम कराने की सलाह देते हैं, लेकिन पूरे बाल हटाना खतरनाक हो सकता है।
पशु चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक हांफना या तेज सांस लेना, मुंह से लार टपकना, सुस्ती या एक ही जगह पड़े रहना, उल्टी या दस्त, जीभ बाहर निकलना अत्यधिक थकान या बेहोशी जैसे संकेत हीट स्ट्रोक के हो सकते हैं। पशु चिकित्सक डॉ. शीला जाधव ने बताया कि पालतू जानवरों को सुबह जल्दी या शाम को धूप कम होने पर ही भोजन दें।
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दिनभर स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध रखें। दोपहर के समय उन्हें बाहर टहलाने से बचें, कुत्तों को धूप में बांधकर न रखें व न ही बंद गाड़ी में छोड़ें। उनके रहने का स्थान साफ-सुथरा व हवादार होना चाहिए, दोपहर में पशुओं के शरीर पर ठंडा पानी छिड़कें, नियमित स्नान कराएं, संतुलित व पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं, इसके अलावा, सड़क पर रहने वाले पशु-पक्षियों के लिए जगह-जगह पानी से भरे बर्तन रखने व छाया की व्यवस्था करने की अपील भी की गई है।