पुणे में अवैध स्टडी रूम पर Pune Municipal Corporation का शिकंजा, 7 दिन में कार्रवाई के आदेश
Pune में अवैध स्टडी रूम और PG पर PMC ने सख्त रुख अपनाते हुए सात दिन में कार्रवाई के आदेश दिए। असुरक्षित ढांचों में पढ़ रहे हजारों छात्रों की सुरक्षा को लेकर शहर में चिंता बढ़ी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: ‘विद्या का मायका’ कहे जाने वाले पुणे शहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बनाए गए अवैध स्टडी रूम और उनसे जुड़े व्यवसायों पर अब पुणे महापालिका (पीएमसी) का शिकंजा कसने वाला है।
राज्य भर से लाखों की संख्या में शहर में आकर तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अवैध रूप से चल रहे इन स्टडी रूम्स से स्थानीय नागरिकों को हो रही भारी परेशानी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी। पी। ने निर्माण विभाग को इन सभी अवैध ढांचों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
सुरक्षा जोखिम को लेकर स्थानीय नागरिकों की शिकायतें
महापालिका आयुक्त का पदभार संभालने के बाद नवल किशोर राम ने शहर की स्वच्छता और अतिक्रमण विरोधी अभियान पर जोर दिया है। हाल ही में बुलाई गई एक बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि प्रतियोगी छात्रों की बढ़ती भीड़ और इससे पनपे अवैध व्यवसायों के कारण स्थानीय पुणेकरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस कार्रवाई से शहर में एक प्रकार का अनुशासन आएगा।
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जोखिम में हजारों छात्रों का जीवन
पुणे शहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए साढ़े सात सौ से अधिक स्टडी रूम बनाए गए हैं। इनमें से कई स्टडी रूम शहर की पुरानी इमारतों, हवेलियों और यहां तक कि इमारतों की पार्किंग में अवैध रूप से शुरू किए गए है।
इन असुरक्षित जगहों पर लाखों छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में नवी पेठ के ध्रुवतारा स्टडी रूम में आग लगने जैसी गंभीर घटना हो चुकी है, जिसके बावजूद स्टडी रूम संचालकों द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जाता है।
यह कार्रवाई पुणे शहर में एक बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है।
– नवल किशोर राम, महापालिका आयुक्त
प्रशासन के सख्त आदेश और कार्रवाई की योजना
- महापालिका प्रशासन ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक विस्तृत और सख्त कार्य योजना तैयार की है।
- 7 दिन का अल्टीमेटम: जिन जगहों पर पार्किंग में अवैध स्टडी रूम चल रहे है, ऐसे स्टडी रूम पर 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने के आदेश निर्माण विकास विभाग को दिए गए हैं।
- नियंत्रण नियमावली: स्टडी रूम और पेइंग गेस्ट (PG) आवासों के संबंध में एक नियंत्रण नियमावली तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के अवैध निर्माण और अव्यवस्था को रोका जा सके।
- व्यावसायिक टैक्स लागू होगा: टैक्स कलेक्शन विभाग के पेठ निरीक्षकों के जरिए सभी स्टडी रूम और पीजी का सर्वेक्षण किया जाएगा और उन पर व्यावसायिक टैक्स लगाया जाएगा।
- सर्वेक्षण का केंद्र मुख्य रूप से मध्य क्षेत्र होगा, जहां स्टडी रूम की संख्या सबसे अधिक है। नारायण पेठ, सदाशिव पेठ, नवी पेठ, शनिवार पेठ, बुधवार पेठ, कोथरूड, दांडेकर पूल परिसर, दत्तवाड़ी आदि क्षेत्रों में महापालिका पहले ही सर्वेक्षण कर चुकी है, जिसमें नियमों के गंभीर उल्लंघन और अग्निरोधी प्रणालियों की कमी पाई गई थी।
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फायर ऑडिट में उदासीनता
महापालिका ने पहले वैध-अवैध सभी स्टडी रूम का सर्वेक्षण कराया था, जिसमें पाया गया था कि कई स्टडी रूम में अग्निरोधी प्रणालियों का अभाव है। फायर बिग्रेड को ऑडिट पूरा करना था, लेकिन प्रशासन ने गंभीर उदासीनता दिखाई थी। शहर के मुख्य हिस्सों और पेठों (पुराने मोहल्लों) जैसे नारायण पेठ, सदाशिव पेठ आदि में होस्टल, मेस और ‘खाऊ गली’ (फूड स्ट्रीट्स) का अवैध जाल तेजी से फैला है। इससे इन सड़कों पर दिन भर भारी भीड़ बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे महापालिका को टैक्स चुकाते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, ऐसे में वे बाहर से आए लोगों की वजह से होने वाली परेशानी को क्यों सहन करें।
