पुणे मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Pink Metro Line: पुणे के सार्वजनिक परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के तहत विकसित हो रही तीसरी मेट्रो लाइन (माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर) न केवल आईटी हब को शहर से जोड़ेगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक वैश्विक मिसाल भी पेश करेगी।
इस रूट, जिसे ‘पिंक लाइन’ के नाम से जाना जाता है, का संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगा। प्रशिक्षण और नियुक्ति ‘पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड’ द्वारा संचालित इस परियोजना के लिए 100 महिला ट्रेन पायलटों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में 50 इंजीनियर युवतियों का चयन कर उन्हें कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
खास बात यह है कि तकनीकी ज्ञान से लेकर आपातकालीन स्थितियों से निपटने तक, ये महिलाएं हर मोर्चे पर तैयार की गई हैं, टाटा और सीमेंस जैसी दिग्गज कंपनियों के सहयोग से बन रहे इस प्रोजेक्ट में संचालन की जिम्मेदारी महिलाओं को देना वैश्विक स्तर पर एक ‘अद्वितीय पहल’ मानी जा रही है।
पुणे मेट्रो से संबंधित सभी सिस्टम को समय पर पूरा करने की प्रक्रिया जारी है। हमने 100 महिलाओं की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 50 का चयन हो चुका है और उनका प्रशिक्षण अंतिम चरण में है।
– अनिल सैनी, सीईओ, पुणे सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड
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महिला पायलटों के लिए विशेष सुरक्षा ‘प्रोटोकॉल’ बनाए गए हैं। कार्यस्थल से लेकर घर तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी खुद उठाएगी। पीएमआरडीए का लक्ष्य है कि मार्च तक इस रूट को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। वर्तमान में सिग्नलिंग और तकनीकी परीक्षण अंतिम चरण में हैं।