नवले ब्रिज (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Navale Bridge Accident Black Spot: शहर का नवले पुल क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों से ‘ब्लैक स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) बना हुआ है। कात्रज सुरंग (टनल) की ओर से आने वाली ढलान पर वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार अक्सर भीषण हादसों का कारण बनती है।
इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस मार्ग पर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
सुरक्षा उपायों के तहत Navale Bridge परिसर में 14 सीसीटीवी कैमरे और 3 हाई-स्पीड गैन्ट्री कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन सभी कैमरों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जिससे मार्ग की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
अब किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभागों तक पहुंचेगी, जिससे राहत कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा। निर्धारित 40 किमी प्रति घंटा की गति सीमा का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध कैमरों के माध्यम से स्वचालित ई-चालान जारी किए जाएंगे।
वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए कात्रज सुरंग से नवले पुल तक 20 मिमी ऊंचे ‘रंबल स्ट्रिप्स’ लगाए गए हैं। इन स्ट्रिप्स से गुजरते समय होने वाले कंपन के कारण चालक स्वतः ही गति कम कर देते हैं। साथ ही, वाहन चालकों को सड़क की स्थिति, ट्रैफिक जाम और मौसम संबंधी अपडेट देने के लिए तीन डिजिटल सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, जो रियल टाइम जानकारी प्रदर्शित करेंगे।
सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रात के समय स्पष्ट दृश्यता हेतु रिफ्लेक्टिव ‘कैट-आइज’ और सटीक लेन मार्किंग की गई है। संवेदनशील स्थानों पर ब्लिंकर्स और चेतावनी संकेत स्थापित किए गए हैं, ताकि चालक संभावित खतरों के प्रति पहले से सतर्क रहें।
एनएचएआई ने इस खतरनाक क्षेत्र में ‘इंजीनियरिंग सुधार’ को प्राथमिकता दी है, रबल स्ट्रिप्स के अलावा, सड़क की सतह की पकड़ बेहतर बनाने के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया गया है ताकि आपातकालीन स्थिति में ब्रेक लगाने पर वाहन न फिसले।
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नवले पुल क्षेत्र में दुर्घटनाओं को कम करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। हमने एक एक ‘त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की है। यहाँ लगे कैमरे सीधे पुलिस तंत्र से जुड़े हैं, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। रंबल स्ट्रिप्स और डिजिटल बोर्ड चालकों को ढलान पर वाहन नियंत्रित करने में मदद करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हमारी 24 घंटे नजर है। संजय कदम, परियोजना निदेशक, एनएचएआई