हथकड़ी में विक्ट्री साइन! मर्डर केस का आरोपी बंडू आंदेकर बना चुनावी उम्मीदवार, भरा नामांकन
Bandu Andekar: पुणे में मर्डर केस के आरोपी गैंगस्टर बंडू आंदेकर ने जेल से नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया, जिससे राजनीति और अपराध के गठजोड़ पर सवाल खड़े हो गए हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
मर्डर केस का आरोपी बंडू आंदेकर बना चुनावी उम्मीदवार (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Pune Municipal Election: मर्डर केस में आरोपी का जेल से चुनावी आवेदन भरना कोई नई बात नहीं है। ऐसी तस्वीरें पहले उत्तर प्रदेश और बिहार में देखी जा चुकी हैं, लेकिन अब यही तस्वीर पुणे में भी देखने को मिली है, जिसे शिक्षा का गढ़ माना जाता है। मुंह पर काला कपड़ा बांधे, हाथों में हथकड़ी और पुलिस सुरक्षा के बीच गैंगस्टर बंडू आंदेकर ने नगर निगम चुनाव के लिए अपना नामांकन आवेदन भरा। इस दौरान उसने विक्ट्री साइन भी दिखाया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों में खलबली मच गई।
आंदेकर गैंग का सरगना बंडू आंदेकर पुलिस प्रोटेक्शन में भवानी पेठ क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचा और नगर निगम चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। बंडू आंदेकर फिलहाल आयुष कोमकर मर्डर केस में जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार, उसने पुणे के वार्ड नंबर 24 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है।
मैं उम्मीदवार हूं, लुटेरा नहीं…
जब पुलिस उसे भवानी पेठ कार्यालय लेकर पहुंची, तब उसने नारेबाजी भी की। आंदेकर ने कहा, ‘नेकी का काम, आंदेकर का नाम’ …देखिए, मुझे लोकतंत्र में कैसे लाया गया है। आंदेकर को वोट देने का मतलब विकास के कामों को वोट देना है। मैं उम्मीदवार हूं, लुटेरा नहीं। वनराज आंदेकर जिंदाबाद..’।”
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आंदेकर परिवार के तीन सदस्यों ने भरे नामांकन
एक विशेष अदालत ने बंडू आंदेकर तथा उसके परिवार के सदस्यों लक्ष्मी उदयकांत आंदेकर और सोनाली वनराज आंदेकर को आगामी नगर निगम चुनाव के लिए सशर्त रूप से नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी थी। हालांकि, अदालत ने बंडू आंदेकर को नामांकन के दौरान जुलूस निकालने, भाषण देने और नारे लगाने से स्पष्ट रूप से रोका था।
सोनाली आंदेकर और लक्ष्मी आंदेकर भी 5 करोड़ 40 लाख रुपये की जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के एक मामले में जेल में हैं। फिलहाल, यदि वे चुनाव प्रचार करती हैं तो उन्हें सभी कानूनी नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।
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अजीत पवार गुट की NCP से मिलेगी उम्मीदवारी?
अजीत पवार गुट की एनसीपी के शहर अध्यक्ष सुभाष जगताप ने कहा कि सोनाली आंदेकर और लक्ष्मी आंदेकर का आयुष कोमकर मर्डर केस से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसी कारण संकेत मिल रहे हैं कि इन दोनों को एनसीपी से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या बंडू आंदेकर को भी एनसीपी से टिकट मिलेगा या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, आंदेकर परिवार के तीनों सदस्य पुणे के वार्ड नंबर 22, 23 और 24 से चुनाव लड़ने में रुचि रखते हैं।
