पुणे न्यूज (सौ. फाइल फोटो )
PMC Budget Fund Distribution: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) का वर्ष 2026-27 के लिए 15,669 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने पेश कर दिया है। हालांकि, बजट के साथ ही शहर की राजनीति में फंड वितरण को लेकर घमासान शुरू हो गया है।
सत्ताधारी भाजपा पर अपने नगरसेवकों को प्राथमिकता देने और विपक्ष के साथ सौतेला व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बजट आंकड़ों के अनुसार, सत्ता का लाभ स्पष्ट रूप से भाजपा के वार्डों में दिख रहा है।
जहां भाजपा के प्रत्येक नगरसेवक को करीब 5 करोड़ और मनपा में शामिल गांवों से चुने गए भाजपा नगरसेवकों को 7 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, वहीं विपक्षी दलों को काफी कम हिस्सा मिला है।
राकांपा (अजीत पवार गुट) के नगरसेवकों को लगभग 4 करोड़ रुपये और कांग्रेस व राकांपा (शरद पवार गुट) को करीब 3-3 करोड़ रुपये मिले हैं। सबसे अधिक विवाद प्रभाग क्रमांक 1 को लेकर है, जहां एक नगरसेविका और अमोल बालवडकर (राकांपा) के लिए ‘शून्य’ बजट का प्रावधान किया गया है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि प्रशासन ने इसे ‘तकनीकी त्रुटि’ करार दिया है।
ये भी पढ़ें :- पुणे महानगर पालिका बजट पर कांग्रेस का हमला, 15 हजार करोड़ के बजट में 7 हजार करोड़ घाटे की आशंका
परंपरा को कायम रखते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने अपने प्रभाग के लिए सर्वाधिक 35 से 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नगरसेवकों के विकास कार्यों के लिए बनी ‘स’ सूची का कुल बजट 1300 करोड़ से अधिक है। उल्लेखनीय है कि आयुक्त नवल किशोर राम द्वारा पेश मूल बजट में 15% की कटौती कर उस राशि को इस ‘स’ सूची में डायवर्ट किया गया है।