जन्म प्रमाणपत्र (सौजन्य-सोशल मीडिया)
NMC Birth Death Registration Office: नागपुर महानगर पालिका के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय ने उन नागरिकों के लिए राहत भरी खबर दी है, जिन्होंने जन्म के कई वर्षों बाद भी अपने जन्म प्रमाण पत्र में अपना नाम दर्ज नहीं कराया है। सरकार के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अब 15 वर्ष की आयु पार कर चुके नागरिक भी 27 अप्रैल, 2026 तक अपने जन्म रिकॉर्ड में नाम शामिल करवा सकते हैं।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 और महाराष्ट्र जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियम 2000 के अनुसार, जन्म के 15 वर्षों के भीतर ही नाम दर्ज करने का प्रावधान था। इस कारण कई नागरिकों को उच्च शिक्षा या पासपोर्ट संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। नागरिकों की इन समस्याओं को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने 5 साल की अतिरिक्त रियायत देने का निर्णय लिया है।
15 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को संबंधित विभाग में संपर्क कर निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी जमा करनी होगी।
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नाम में पूर्ण परिवर्तन संभव नहीं है। मनपा ने स्पष्ट किया है कि यदि जन्म प्रमाण पत्र में नाम पहले से दर्ज है, तो उसे पूरी तरह से बदलने का कानून में कोई प्रावधान नहीं है। जुलाई 2023 के बाद मेयो, मेडिकल और डागा अस्पतालों में हुए जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र सीधे उन्हीं अस्पतालों से प्राप्त किए जा सकते हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे प्रमाण पत्र के कार्यों के लिए बाहरी व्यक्तियों या दलालों के संपर्क में न आएं। किसी भी प्रकार के फर्जी या नकली प्रमाण पत्र के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समयसीमा का लाभ उठाएं क्योंकि 27 अप्रैल, 2026 के बाद 15 वर्ष से अधिक आयु वालों का नाम दर्ज नहीं किया जा सकेगा।