पुणे महानगरपालिका (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation Budget 2026: पुणे महानगर पालिका द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट पर कांग्रेस ने कड़ा प्रहार किया है। पूर्व महापौर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रशांत जगताप ने इस बजट को शहर के आर्थिक भविष्य के लिए चिंताजनक बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का आंकड़ा भले ही भव्य दिख रहा हो, लेकिन धरातल पर करीब 7 हजार करोड़ रुपये के घाटे की आशंका है, जो मनपा के वित्तीय संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। जगताप ने आगाह किया कि यदि टैक्स वसूली 7 से 10 हजार करोड़ के बीच ही सीमित रही, तो शहर का विकास ठप हो जाएगा।
प्रशांत जगताप ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण बजट को मात्र दो दिनों में बिना विस्तृत चर्चा के पास करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्थितियों, विशेषकर अमेरिका और ईरान के तनाव का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक मंदी का असर पुणे के निवेश और आय पर पड़ सकता है, जिसके लिए बजट में कोई ठोस योजना नहीं दिखती।
विकास में भेदभाव सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुविधाओं के साथ खिलवाड़ है।
– प्रशांत जगताप, कांग्रेस
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शहर की प्यास बुझाने के लिए उन्होंने दीर्घकालीन जल योजनाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की। जगताप ने कहा कि 95 लाख की आबादी वाले पुणे के लिए पिछले 35 वर्षों में कोई नया बांध नहीं बना है। उन्होंने विपक्ष के प्रभागों को ‘शून्य बजट’ देने की राजनीति की निंदा करते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले से मुलाकात की और विपक्षी नगरसेवकों को अतिरिक्त निधि देने की मांग की।