सिया पॉइंट कहां है? केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद पर्यटकों की बढ़ी तादात, गाइड से पूछा जा रह एक ही सवाल
Lohagad Fort Siya Point: महाराष्ट्र के बहुचर्चित हत्याकांड में मंगेतर सिया गोयल द्वारा केतन अग्रवाल की हत्या के बाद पुणे के लोहागढ़ किले में 'सिया पॉइंट' देखने उमड़ रहे पर्यटक।
- Written By: अनिल सिंह
केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद लोहगढ़ में सिया पॉइंट ढूंढ रहे पर्यटक (फोटो क्रेडिट-X)
Pune Lohagad Fort Siya Point Ketan Agarwal Murder: महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल लोहागढ़ किले में हाल ही में हुए हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला ट्रेंड देखने को मिल रहा है। अपनी मंगेतर की धोखेबाजी और साजिश का शिकार हुए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत जिस जगह पर हुई थी, अब वह जगह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।
किले में आने वाले सैलानियों ने अनौपचारिक रूप से उस खतरनाक खाई का नाम ‘सिया पॉइंट’ रख दिया है, जहां से धक्का देकर केतन को मौत के घाट उतारा गया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ऐतिहासिक किले में घूमने आने वाले लोगों की संख्या में अचानक 25 फीसदी तक का उछाल आ गया है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
गाइड से पूछा जा रहा एक ही सवाल, सिया पॉइंट कहां है
बीते 18 जून 2026 को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर 400 फुट ऊंची खाई में धकेलकर हत्या कर दी थी। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं।
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इस घटना के सुर्खियों में आने के बाद किले में आने वाले पर्यटक लगातार गाइडों, ट्रैकर्स और सुरक्षाकर्मियों से ‘सिया पॉइंट’ का रास्ता पूछ रहे हैं। घटनास्थल पर बढ़ती अनियंत्रित भीड़ और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए पुणे पुलिस अलर्ट हो गई और तफ्तीश व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार को अस्थाई रूप से किले को बंद कर सभी पर्यटकों को बाहर निकाल दिया गया।
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सोशल मीडिया मीम्स से किले की छवि पर असर
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों के मुताबिक, अमूमन शनिवार और रविवार को ही किले में 4 से 5 हजार पर्यटकों की भीड़ होती थी, लेकिन इस हत्याकांड के बाद वर्किंग डेज (सोमवार से शुक्रवार) में भी लोग सिर्फ उस मर्डर स्पॉट को देखने के लिए उमड़ रहे हैं। लोहागढ़ विसापुर विकास मंच के सचिन टेकावाड़े ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ऐतिहासिक स्मारक की पहचान अब एक मर्डर केस से जोड़ी जा रही है। सोशल मीडिया पर केतन और सिया को लेकर बन रहे जोक्स और मीम्स सदियों पुराने इस गौरवशाली किले की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
2,000 साल पुराने सातवाहन काल के गौरवशाली इतिहास को भूल रहे हैं लोग
इतिहासकारों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित ‘लोहे का किला’ यानी लोहागढ़, भारत की एक अनमोल राष्ट्रीय धरोहर है। इसका निर्माण लगभग 2,000 वर्ष पहले सातवाहन काल में हुआ था और इसका संबंध छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वर्णिम काल से भी है।
लोनावला से महज 11 किलोमीटर और पुणे से 60 किलोमीटर दूर स्थित यह लोहागढ़ किला अपने बेजोड़ ट्रेकिंग रूट के लिए जाना जाता है, जहां मावली रेलवे स्टेशन से आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक स्थल को ‘क्राइम टूरिज्म’ का केंद्र बनने से रोका जाए और इसकी गरिमा बहाल रखी जाए।
