

Mumbai Local Trains Security: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पिछले छह महीनों के भीतर चलती लोकल ट्रेनों में दो बेकसूर यात्रियों की निर्मम हत्या की वारदातों ने रेलवे सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी थी। इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते ने रेलवे प्रशासन को मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के 150 रेलवे स्टेशनों का तत्काल व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
मंगलवार (30 जून 2026) को हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में डीजीपी ने साफ लफ्जों में कहा कि आम यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से हाल ही में चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन में हुई दिल दहला देने वाली वारदात पर गहन चर्चा की गई। इस घटना में ट्रेन का दरवाजा बंद करने और खोलने जैसी मामूली बात को लेकर सह-यात्रियों के बीच विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते इतना हिंसक हो गया कि एक यात्री को अपनी जान गंवानी पड़ी।
इस तरह की बार-बार हो रही घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि लोकल ट्रेनों के डिब्बों और प्लेटफॉर्म्स पर तत्काल सुरक्षा बढ़ाने की भारी जरूरत है। डीजीपी सदानंद दाते ने इसी खतरे को भांपते हुए निर्धारित समय से पहले ही यह विशेष आपातकालीन बैठक बुलाई।
प्रशासनिक निर्णय के अनुसार, मुंबई उपनगरीय नेटवर्क के तहत आने वाले पश्चिम रेलवे के 42 और मध्य रेलवे के 108 सबसे व्यस्त स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से ऑडिट किया जाएगा। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्टेशनों पर यात्रियों का फुटफॉल सबसे ज्यादा रहता है, वहां सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाए। इसके साथ ही, स्टेशनों के मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक जांच उपकरणों को दुरुस्त किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोकल ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए महिला कोच के बाहर और अंदर लगाए जा रहे पैनिक बटनों को जल्द से जल्द पूरी तरह सक्रिय करने का आदेश दिया गया है।
मुंबई लोकल को पूरी तरह अभेद्य और हाई-टेक बनाने के लिए रेलवे अब पारंपरिक सीसीटीवी कैमरों को बदलने जा रही है। नए प्लान के मुताबिक, अब सभी प्रमुख स्टेशनों पर 'फेशियल रिकग्निशन' (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक से लैस आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से रेलवे परिसर में दाखिल होने वाले किसी भी पुराने अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत ट्रैक कर अलर्ट जारी किया जा सकेगा।
इसके अलावा, अपराधियों और असामाजिक तत्वों के प्रवेश को रोकने के लिए रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म के आसपास मौजूद सभी अवैध और अनधिकृत रास्तों को स्थायी रूप से कंक्रीट की दीवारें बनाकर बंद किया जाएगा और वहां चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मियों की गश्त सुनिश्चित की जाएगी।