केतन अग्रवाल मर्डर केस: आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की बढ़ी पुलिस कस्टडी, डिलीटेड मोबाइल डेटा की होगी जांच

Ketan Agarwal Murder: केतन अग्रवाल हत्याकांड के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत मावल कोर्ट ने बढ़ा दी है। पुलिस लोहगढ़ किले में रेकी और डिलीटेड मोबाइल डेटा की जांच कर रही है।
The Maval court extended the police custody of Siya Goyal and Chetan Choudhary in the Ketan Agarwal murder case. Police are probing deleted data and a missing passport.
केतन अग्रवाल मर्डर केस (सोर्स - सोशल मिडिया)
Published on: 
Updated on: 

Ketan Agarwal Murder Siya Goyal Arrest: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं। सोमवार को लोणावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों को मावल न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सात दिन की रिमांड की मांग की थी।

डिलीट मोबाइल डेटा की होगी जांच

पुलिस का कहना है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी बाकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, वारदात से पहले और घटना की रात दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ डेटा डिलीट किया गया था। अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से इस डिजिटल डेटा को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि घटनाक्रम और संभावित साजिश के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

लोहगढ़ किले से जुड़े पहलुओं की पड़ताल

जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि लोहगढ़ किले पर रुकने के दौरान आरोपियों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि घटना से पहले कथित रूप से स्थान की रेकी की गई थी या नहीं। इसके अलावा यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या आरोपियों ने किसी वैकल्पिक या कम प्रचलित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आपसी संपर्क किया था।

लापता पासपोर्ट बना जांच का अहम बिंदु

मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू केतन अग्रवाल के पासपोर्ट से जुड़ा है। पुलिस ने अदालत को बताया कि कथित रूप से बाली यात्रा के दौरान फेंका गया पासपोर्ट अब तक बरामद नहीं हो सका है। इसकी तलाश जारी है और पुलिस इस पहलू को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।

साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस

जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल, तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य जांच पूरी होने के बाद मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com