पुणे 2030 तक बनेगा देश का प्रमुख आधुनिक शहर और ग्रोथ इंजन, सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा दावा
Pune Infrastructure Development: सीएम फडणवीस का दावा है कि, 2030 तक पुणे देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए पुणे-शिरूर सहित 3 बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर का शिलान्यास हुआ।
- Written By: गोरक्ष पोफली
देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Growth Engine 2030: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को घोषणा की कि पुणे डीप टेक और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए एक प्रमुख ग्लोबल हब बनने की राह पर है और 2030 तक देश के अग्रणी आधुनिक शहर और ‘ग्रोथ इंजन’ के तौर पर अपनी पहचान बना लेगा।
पुणे–शिरूर, तलेगांव–चाकण–शिक्रापुर और हडपसर–यवत जैसे तीन बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए राज्य के प्रयासों पर जोर दिया।
प्रोजेक्ट की लागत और सरकार को मिला प्रीमियम
एमएसआरडीसी द्वारा बीओटी आधार पर लागू किए गए इन प्रोजेक्ट्स से सरकार को शुरुआती प्रीमियम मिला है। इनमें पुणे–शिरूर कॉरिडोर से 500 करोड़ रुपए, तलेगांव–चाकण–शिक्रापुर कॉरिडोर से 300 करोड़ रुपए और हडपसर–यवत कॉरिडोर से 150 करोड़ रुपए, यानी कुल 950 करोड़ रुपए मिले हैं।
सम्बंधित ख़बरें
FIFA World Cup Final: खेल प्रेमियों को तोहफा, महाराष्ट्र में सुबह 4 बजे तक खुले रहे होटल
Pandharpur Corridor: किसानों को विश्वास में लेकर होगा विकास, डीसीएम शिंदे बोले, नहीं करेंगे कोई जबरदस्ती
महाराष्ट्र में नई सियासी हलचल, लक्ष्मण हाके ने बनाई OBC जनता पार्टी, बीजेपी पर साधा निशाना
BMC का बड़ा फैसला, पान-गुटखा खाकर आने वालों की अस्पताल में नो एंट्री, थूककर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई
फडणवीस ने बताया कि तीनों एलिवेटेड कॉरिडोर को भविष्य की मेट्रो लाइनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा फ्लाईओवर के ब्लूप्रिंट में मेट्रो के स्ट्रक्चरल डिजाइन को शामिल करने से भविष्य में कोई रुकावट नहीं आएगी और भविष्य की अलाइनमेंट लागत में कम से कम 40 प्रतिशत की कमी आएगी।
पुरंदर एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी प्लान
आने वाले पुरंदर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए, सरकार ‘डाइव घाट’ से होकर एक डबल-ट्यूब टनल बनाने की योजना बना रही है, ताकि सड़क और मेट्रो दोनों तरह के ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिल सके। एयरपोर्ट के लिए 50 प्रतिशत से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण पहले ही पूरा हो चुका है, जो तेजी के मामले में एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
इसके अलावा, 173 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड और 86 किलोमीटर लंबा इनर रिंग रोड दो साल के भीतर पूरा होने वाला है और उम्मीद है कि इससे शहर के अंदर ट्रैफिक जाम में 30 प्रतिशत की कमी आएगी।
जल प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट
लंबे समय की योजना पर बात करते हुए, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने टिकाऊ जल प्रबंधन पर ज़ोर दिया और बताया कि वेस्टवॉटर को रीसायकल करने के लिए जीआईसीए और वर्ल्ड बैंक की मदद से बड़े पैमाने पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: 3 बंगले, 4 दल और देर रात मंथन… महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ये तीन एलिवेटेड कॉरिडोर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को काफी हद तक कम करेंगे। उन्होंने बताया कि हाईवे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण में आने वाली दिक्कतों के कारण, अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग समाधान अपनाए जा रहे हैं।
