पुणे मनपा सुरक्षा पर बवाल: आयुक्त बोले- जनप्रतिनिधियों की सिफारिश से हुई गार्डों की भर्ती
Pune PMC Security Guards: पुणे मनपा में मनसे के उग्र प्रदर्शन पर आयुक्त नवल किशोर राम का तंज। कहा- नेताओं की सिफारिश पर हुई सुरक्षाकर्मियों की भर्ती, प्रशासन को मिले अधिकार तो सुधरेगी स्थिति।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे महानगर पालिका विरोध-प्रदर्शन और सभागृह, (सोर्स सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की सुरक्षा व्यवस्था सोमवार को विशेष एवं सामान्य सभा के दौरान राजनीतिक टकराव का प्रमुख मुद्दा बन गई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन और सभागृह के प्रवेश द्वार तक क पहुंचने की घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने प्रशासन पर सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप लगाया। जवाब में मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने दो टूक कहा कि वर्तमान में तैनात अधिकांश सुरक्षाकर्मी जनप्रतिनिधियों की सिफारिश पर भर्ती किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘यदि सुरक्षा कर्मियों की भर्ती का पूरा अधिकार प्रशासन को दिया जाए, तो शिकायत की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।’ आयुक्त के इस बयान से सदन में सियासी माहौल और गर्म हो गया। विवादित भर्ती प्रक्रिया को लेकर 45 मिनट तक हंगामा सोमवार को पीएमपीएमएल से संबंधित विशेष बैठक चल रही थी।
इसी दौरान मनसे कार्यकर्ता कथित विवादित भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग लेकर मनपा मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने सभागृह के बाहर नारेबाजी की और प्रवेश द्वार तक पहुंचने का प्रयास किया। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, लेकिन करीब 45 मिनट तक प्रदर्शन जारी रहा। इस घटना ने मनपा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सम्बंधित ख़बरें
पूर्व पति से फोन पर बात करना पड़ा महंगा! पति ने गला घोंटकर पत्नी को उतारा मौत के घाट, ओशिवारा में सनसनी
नागपुर मनपा का कड़ा एक्शन: कमाल चौक और पारडी में भारी विरोध के बीच चला बुलडोजर
मुंबई लोकल में फिर टला बड़ा हादसा: दिवा-मुंब्रा के बीच खंभे से टकराया महिला की साड़ी का पल्लू, वायरल वीडियो
आईसीआईसीआई गोल्ड लोन घोटाला: नागपुर में एक और ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, 5 दिन की पुलिस रिमांड
गेट पर सघन जांच और समीक्षा के निर्देश
बढ़ते हंगामे के बीच महापौर मंजूषा नागपुरे ने हाल के महीनों में मिली बम की फर्जी धमकियों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश द्वारों की संख्या सीमित करने, प्रत्येक गेट पर सघन जांच तथा एक महीने के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने को कहा।
सुरक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
सदन नेता धीरज घाटे ने कहा कि भाजपा के शहर अध्यक्ष एवं पूर्व बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी सभागृह तक कैसे पहुंच गए। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई और तबादले की मांग की।
विपक्ष के नेता निलेश निकम ने भी प्रशासन को घेरते हुए कहा कि नागरिकों और आंदोलनकारियों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने के कारण उन्हें पुणे मनपा मुख्यालय आकर प्रदर्शन करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।
यह भी पढ़ें: – सोनम वांगचुक के समर्थन में महाराष्ट्र में बवाल, मुंबई, पुणे व नागपुर में सीजेपी का प्रदर्शन; पुलिस से झड़प
योग्यता का समुचित मूल्यांकन नहीं
- लगातार आरोपों के बाद आयुक्त नवल किशोर राम ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सुरक्षा कर्मियों की भर्ती में जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों का बड़ा प्रभाव रहा है, जिससे उनकी योग्यता का समुचित मूल्यांकन नहीं हो पाता।
- उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों को पुलिस जैसी पेशेवर ट्रेनिंग नहीं मिली है, इसलिए उनसे वैसी दक्षता की अपेक्षा करना उचित नहीं है।
- आयुक्त ने दावा किया कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासन के अधीन हो, तो एक महीने में बेहतर प्रशिक्षित और सक्षम सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सकता है।
- बाद में महापौर ने कहा कि जनप्रतिनिधि स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की भावना से सिफारिश करते हैं।
- उन्होंने नियुक्ति के बाद कम से कम दो माह का अनिवार्य प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। वहीं, मनसे ने पीएमपीएमएल भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की
- निष्पक्ष जांच और विवादित भर्ती रद्द करने की मांग दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
